अररिया : दफादार का हत्याराेपित पुत्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर

Updated at : 25 Feb 2019 1:31 AM (IST)
विज्ञापन
अररिया : दफादार का हत्याराेपित पुत्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर

बेदी झा, अररिया : पांच अगस्त की शाम सावित्री देवी जोकीहाट बाजार से अपने घर लौट रही थी. उसे क्या पता था कि वह जिंदा घर नही जा पायेगी. उसकी लाश ही घर पहुंचेगी. घटना को लेकर कोहराम मचा था. आखिर थाना के सामने दुस्साहस कर एक महिला को गोली मारी गयी थी. गोली मारने […]

विज्ञापन

बेदी झा, अररिया : पांच अगस्त की शाम सावित्री देवी जोकीहाट बाजार से अपने घर लौट रही थी. उसे क्या पता था कि वह जिंदा घर नही जा पायेगी. उसकी लाश ही घर पहुंचेगी. घटना को लेकर कोहराम मचा था. आखिर थाना के सामने दुस्साहस कर एक महिला को गोली मारी गयी थी. गोली मारने वाला भी कोई और नही था.

जोकीहाट थाना से रिटायर हुआ दफादार करम लाल ततमा का पुत्र दिनेश ततमा पर गोली मारे जाने का आरोप भी प्राथमिकी में लगाया गया थी. दर्ज प्राथमिकी में कहा गया था कि बाइक पर सवार होकर आरोपी आया व सावित्री को तीन गोली मारा. लहूलुहान सावित्री सड़क पर गिर पड़ी. लोगों ने आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल लाया था. गंभीर हालत को लेकर चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिये पुर्णिया रेफर कर दिया. लेकिन पूर्णिया जाने के क्रम में सावित्री देवी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

कांड संख्या 227/18 दर्ज किया गया. जिसमें दफादार पुत्र दिनेश ततमा को नामजद आरोपी बनाया गया. थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस के वरीय पदाधिकारी तक ने दावा किया था कि हत्यारे को जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा. लेकिन सात महीना गुजरने को है. हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है. शायद इस मामले को लाल बस्तेमें बांध कर रख दिया गया है. आखिर गरीब राकेश शर्मा ने पत्नी को खोया था. बच्चों ने अपनी मां को खोया. उसकी पीड़ा को बिना कहे समझा जा सकता है. लेकिन जोकीहाट थाना पुलिस की संवेदन शून्यता का आलम यह है कि हत्या के नामजद अभियुक्त खुली हवा में सांस ले रहा है. एक दफादार जिसने कानून को समझा व जाना है, उस पर भी अगर पुलिस दबाव बनाती तो शायद हत्यारा अब तक सलाखों के पीछे होता. आखिर जोकीहाट पुलिस इस मामले में क्यों शिथिल है. वैज्ञानिक अनुसंधान भी शायद इस मामले में फेल तो नही हो गया.

कुर्की-जब्ती के लिए न्यायालय में किया जायेगा प्रे: थानाध्यक्ष
इस मामले में पूछे जाने पर जोकीहाट के थानाध्यक्ष श्याम नंदन ने बताया कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर गंभीरता से काम कर रही है. उसका अपने पिता या रिश्तेदारों से कोई संपर्क नहीं है. न्यायालय से वारंट प्राप्त है. अब इसे वापस कर इश्तहार, कुर्की जब्ती के लिये न्यायालय में प्रे किया जाएगा. हलाकि इस कांड की एक महिला अभियुक्त माननीय उच्च न्यायालय से जमानत पर है. बहरहाल गांव में बूढे बुजूर्ग कहा करते हैं कि कानून के गिरफ्त से कोई न बचा है और न ही बच सकता है. देखना लाजिमी होगा कि सावित्री के हत्यारे के गर्दन तक कानून का मजबूत पंजा कब तक पहुंच पाता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन