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वावरिंका को हराकर जोकोविच ऑस्‍ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में

Updated at : 30 Jan 2015 8:55 PM (IST)
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वावरिंका को हराकर जोकोविच ऑस्‍ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में

मेलबर्न : दुनिया के नंबर एक खिलाडी नोवाक जोकोविच ने पांच सेट तक चले कडे मुकाबले में आज यहां गत चैम्पियन स्टेनिसलास वावरिंका को हराकर आस्ट्रेलियाई ओपन पुरुष एकल के फाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना एंडी मरे से होगा. सर्बिया के शीर्ष वरीय जोकोविच ने तीन घंटे और 30 मिनट चले सेमीफाइनल मुकाबले […]

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मेलबर्न : दुनिया के नंबर एक खिलाडी नोवाक जोकोविच ने पांच सेट तक चले कडे मुकाबले में आज यहां गत चैम्पियन स्टेनिसलास वावरिंका को हराकर आस्ट्रेलियाई ओपन पुरुष एकल के फाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना एंडी मरे से होगा. सर्बिया के शीर्ष वरीय जोकोविच ने तीन घंटे और 30 मिनट चले सेमीफाइनल मुकाबले में 7-6, 3-6, 6-4, 4-6, 6-0 से जीत दर्ज करके फाइनल में प्रवेश किया जहां वह रविवार को तीसरी बार फाइनल में ब्रिटेन के तीसरे वरीय मरे से भिडेंगे.

स्विट्जरलैंड के दुनिया के चौथे नंबर के खिलाडी वावरिंका के खिलाफ यह जोकोविच का टूर्नामेंट का सबसे कडा मुकाबला रहा और उन्होंने पांच बार सर्विस गंवाई. इन दोनों के बीच यह लगातार चौथा ग्रैंडस्लैम मुकाबला है जो पांच सेट तक खिंचा. इसमें से जोकोविच ने तीन में जीत दर्ज की है. वह पिछले साल आस्ट्रेलिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में वावरिंका से हार गए थे.

जोकोविच ने मैच के बाद कहा, ‘मैं उस स्तर पर नहीं खेल पाया जिस स्तर पर खेलना चाहता था. मैच में कुछ मौकों पर मैंने वह खेल दिखाया जो मुझे खेलने की जरुरत थी लेकिन बाकी समय मैं काफी रक्षात्मक रहा और उसे बेसलाइन से हावी होने दिया.’ उन्‍होंने कहा, ‘उसके पास काफी शाट हैं. एक बार अगर वह रैली पर नियंत्रण कर ले तो उसके खिलाफ खेलना काफी मुश्किल होता है.’

शीर्ष वरीय जोकोविच के पास अब अपना पांचवां आस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीतने का मौका है. इससे पहले मेलबर्न में उन्‍होंने चारों खिताबी मुकाबले जीते हैं और इसमें से दो बार 2011 और 2013 के फाइनल में उन्‍होंने मरे को ही हराया है. मरे भी हालांकि 2012 के अमेरिकी ओपन और 2013 के विंबलडन फाइनल में जोकोविच को हराने में सफल रहे हैं जिससे रविवार को होने वाला मुकाबला रोमांचक हो गया है.

जोकोविच ने आज के मैच में 49 सहज गलतियां की जबकि सिर्फ 27 विनर लगाए. वह इसके अलावा अपनी पहली सर्विस में सिर्फ 70 प्रतिशत अंक जुटा पाए लेकिन अहम यह रहा कि उन्होंने सात बार वावरिंका की सर्विस तोडी. मैच के बाद वावरिंका ने भी कहा कि वह भी मानसिक रूप से जूझ रहे थे और अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा पाए.

उन्होंने कहा, ‘मैं खुद से कह रहा था कि उसके खिलाफ खेलना और अंक जीतने के तरीके ढूंढना मुश्किल होगा.’ वावरिंका ने कहा, ‘लेकिन मैं सिर्फ टक्कर देने का प्रयास कर रहा था लेकिन आज मैं उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया.’

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