रामकुमार रामनाथन ने खुद का किया बचाव, कहा, मेरे खेल में कोई कमी नहीं

Updated at : 22 Nov 2018 5:04 PM (IST)
विज्ञापन
रामकुमार रामनाथन ने खुद का किया बचाव, कहा, मेरे खेल में कोई कमी नहीं

पुणे : भारतीय टेनिस खिलाड़ी रामकुमार रामनाथन ने गुरुवार को यहां अपने खेल के तरीके का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें बड़े मौके और करीबी मुकाबलों में तरोताजा रहने के लिए कम टूर्नामेंटों में खेलने पर ध्यान देना होगा. रामकुमार ने साल (2018) की शुरुआत 148वीं रैंकिंग के साथ किया था और ज्यादातर टूर्नामेंटों […]

विज्ञापन

पुणे : भारतीय टेनिस खिलाड़ी रामकुमार रामनाथन ने गुरुवार को यहां अपने खेल के तरीके का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें बड़े मौके और करीबी मुकाबलों में तरोताजा रहने के लिए कम टूर्नामेंटों में खेलने पर ध्यान देना होगा.

रामकुमार ने साल (2018) की शुरुआत 148वीं रैंकिंग के साथ किया था और ज्यादातर टूर्नामेंटों में के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद भी वह शीर्ष 150 में बने रहे. उनकी मौजूदा विश्व रैंकिंग 130 है. यहां खेला जा रहा केपीआईटी चैलेंजर उनका इस सत्र का 35वां टूर्नामेंट है इसके अलावा उन्होंने डेविस कप के दो मुकाबलों और जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में भी भाग लिया था.

खेल के विशेषज्ञ अकसर रामकुमार के सर्व और वॉली के तरीके की अलोचना करते हैं. रामकुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, पिछले साल जब मैं अमेरिका में खेल रहा था तब मैंने सर्व और वॉली का काफी अभ्यास किया था और मैच में इसका इस्तेमाल करता था.

मुझे इससे फायदा हो रहा था और मैं कोर्ट में बेहतर महसूस कर रहा था. यह मेरे लिए बुरा नहीं है. मैं लंबा हूं, पूरे कोर्ट को कवर कर सकता हूं. उन्होंने इस सत्र में 18 चैलेंजर टूर में भाग लिया जिसमें से आठ में वह पहले और पांच में दूसरे दौर में बाहर हो गये. वह तीन टूर्नामेंटों के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे और एक फाइनल में. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन न्यूपोर्ट में हुए एटीपी 205 हॉल ऑफ फेम ओपन के फाइनल में पहुंचना था.

उन्होंने खराब सत्र के लिए अपने खेल के तरीके की जगह खुद को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, चैलेंजर टूर्नामेंटों में भी खेलना आसान नहीं है. खिलाड़ी जीत के भूखे है और वे अच्छा खेल रहे है. जब मैं हारता हूं तो यह मेरी गलती है. शायद मैं कई शॉट पर चूक जाता हूं, लेकिन मानसिक रूप से मैं कमजोर नहीं हूं. मैच का नतीजा कई कारणों पर निर्भर करता है.

चेन्नई के इस 24 साल के खिलाड़ी ने कहा, मैं अब भी 130-140 की गति से शॉट लगाता हूं, मेरे खेल में कोई कमी नहीं. मुझे अपने तरकस में और तीर शामिल करना होगा. यह निरंतर तरीका है. अभी तक इसमें सुधार हो रहा है. यह लंबा सत्र है. इसमें उतार-चढ़ाव आया है. मैं कई करीबी मैचों में हारा जिसमें जीत सकता था.

आगामी सत्र के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे टूर्नामेंट चयन में बेहतर योजना बनानी होगी. चैलेंजर के नियम बदल रहे हैं. मुझे छोटे ब्रेक लेने की जरूरत है. शायद 35 की जगह 25 टूर्नामेंटों में खेलूं. करीबी मैच हारना मुश्किल होता है और जब आप तरोताजा होते है तो ऐसे मैचों में बड़े अंक जुटा सकते हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola