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CWC 15 : दक्षिण अफ्रीका से भिड़ने को तैयार हैं धौनी के धुरंधर

Updated at : 21 Feb 2015 12:30 PM (IST)
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CWC 15 : दक्षिण अफ्रीका से भिड़ने को तैयार हैं धौनी के धुरंधर

-मैच भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 50 मिनट से शुरू होगा- मेलबर्न : विश्वकप क्रिकेट 2015 में कल पूल बी के एक मैच में भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से है. चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भारत आत्मविश्वास से ओत-प्रोत है.पाकिस्तानी टीम विश्व कप में भारत के हाथों हार […]

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-मैच भारतीय समयानुसार सुबह आठ बजकर 50 मिनट से शुरू होगा-

मेलबर्न : विश्वकप क्रिकेट 2015 में कल पूल बी के एक मैच में भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से है. चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भारत आत्मविश्वास से ओत-प्रोत है.पाकिस्तानी टीम विश्व कप में भारत के हाथों हार का सिलसिला नहीं तोड़ पायी लेकिन महेंद्र सिंह धौनी की टीम को उम्मीद है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथी बार भाग्य उसका साथ देगा. इससे पहले 1992, 1999 और 2001 में उसे अपने इस प्रतिद्वंद्वी से हार का सामना करना पड़ा था.
चाहे 1992 में पीटर कर्स्टन हो या 1999 में जैक कैलिस और 2011 में कैलिस और एबी डिविलियर्स, भारत को हमेशा दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन के कारण हार झेलनी पड़ी. इन तीनों मैचों में भारत ने पहले बल्लेबाजी की और यह देखना दिलचस्प होगा कि टॉस जीतने की स्थिति में धौनी क्या फैसला करते हैं.टूर्नामेंट में लीग चरण के मैच हालांकि बहुत अधिक महत्व नहीं रखते हैं लेकिन इस मैच का विजेता ग्रुप बी में शीर्ष पर पहुंच सकता है और इसलिए दोनों टीमें इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेंगी.
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड ( एमसीजी) पर होने वाले इस मैच में डिविलियर्स की अगुवाई वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम को धौनी के नेतृत्व वाली युवा टीम के सामने जीत का दावेदार माना जा रहा है. यदि खिलाड़ियों की बात की जाये तो दक्षिण अफ्रीकी टीम काफी मजबूत नजर आती है.
जिंबाब्वे के खिलाफ 62 रन की जीत में दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज नहीं चल पाये थे लेकिन जेपी डुमिनी और डेविड मिलर ने पासा पलटने में अहम भूमिका निभायी. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ ने भले ही कहा है कि मुकाबला भारत की मजबूत बल्लेबाजी और दक्षिण अफ्रीका के विश्वस्तरीय तेज आक्रमण के बीच होगा लेकिन भारत की अनुभवहीन गेंदबाजी की भी करिश्माई डिविलियर्स की अगुवाई वाली बल्लेबाजी के सामने कड़ी परीक्षा होगी. उन्होंने हाल में 32 गेंदों पर वनडे का सबसे तेज शतक बनाया था.
विराट कोहली का पिछले मैच में 22वां वनडे शतक तथा सुरेश रैना और शिखर धवन की फार्म में वापसी से भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा है लेकिन दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण के सामने उन्हें पूरी तरह से अलग तरह की परीक्षा से गुजरना होगा.उसके आक्रमण की अगुवाई डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल जैसे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी जोड़ी कर रही है जिन्हें किसी भी पिच पर खेलना आसान नहीं है और यहां एमसीजी पर तो असमान उछाल मिलने की संभावना भी है.
यही नहीं वर्नोन फिलैंडर तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में उपयोगी साबित हो सकते हैं. साइनस से उबरने वाले स्टेन जिंबाब्वे के खिलाफ पहले मैच में छाप नहीं छोड़ पाये थे. वह पहले बदलाव के रूप में आये और उन्होंने नौ ओवर में 64 रन दिये.रोहित शर्मा पाकिस्तान के खिलाफ रन बनाने की निराशा से जल्द उबरना चाहेंगे लेकिन कोहली और स्टेन का मुकाबला उसी तरह से देखने लायक होगा जैसे कि तेंदुलकर और स्टेन के बीच मुकाबला होता था. स्टेन जहां अपनी तेजी और स्विंग से भारतीयों को परेशान कर सकते हैं वहीं छह फीट चार इंच लंबे मोर्कल की उछाल और फिलैंडर की मूव करती गेंदें बल्लेबाजों के धैर्य और तकनीक की परीक्षा लेंगी.
यदि फिलैंडर अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाते हैं तो फिर काइल एबट या वायने पर्नेल में से कोई उनका स्थान लेगा.
भारतीयों को इमरान ताहिर की लेग स्पिन से निबटने में ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए. दक्षिण अफ्रीकी टीम प्रबंधन के पास बायें हाथ के स्पिनर एरोन फैंगिशो के रुप में एक और विकल्प भी है.
पाकिस्तान के खिलाफ दमदार जीत के बावजूद कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनको लेकर भारतीय चिंतित हैं. कप्तान धौनी की खराब फार्म चिंता का विषय है. इसके अलावा डेथ ओवरों में विकेट गंवाना भी चिंता है. पिछले मैच में भारत ने केवल 23 रन के अंदर पांच विकेट गंवा दिये थे.
पिछले मैच में भारतीय गेंदबाजों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी थी लेकिन निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने वाले हाशिम अमला, फाफ डु प्लेसिस, डिविलियर्स, मिलर और डुमिनी के सामने उन्हें कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा. मिलर और डुमिनी ने जिंबाब्वे के खिलाफ शतक जमाकर दिखाया कि वे जरूरत पडने पर बड़ी पारी खेलने में सक्षम हैं.
भारत के तीनों तेज गेंदबाजों उमेश यादव, मोहित शर्मा और मोहम्मद शमी को अपनी लेंथ में किसी भी तरह की गलती करने से बचना होगा क्योंकि यह तय है कि अनुशासनहीन गेंदबाजी करने पर बल्लेबाज उन्हें कड़ी सजा देंगे.
भारत की उम्मीदें हालांकि अपनी स्पिन जोडी रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन पर टिकी रहेंगी. यदि भारतीय स्पिनर 20 ओवरों में दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं तो फिर भारत पासा पलट सकता है.
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