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बीसीसीआई के विज्ञापन को लेकर जौहरी से नाराज हुए अमिताभ चौधरी

Updated at : 04 Dec 2017 5:00 PM (IST)
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बीसीसीआई के विज्ञापन को लेकर जौहरी से नाराज हुए अमिताभ चौधरी

नयी दिल्ली : बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिये टीम मैनेजर के पद के लिये विज्ञापन में उनकी सहमति के बिना उनका नाम छापने की अनुमति दे दी. बीसीसीआई में आम राय यह है […]

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नयी दिल्ली : बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिये टीम मैनेजर के पद के लिये विज्ञापन में उनकी सहमति के बिना उनका नाम छापने की अनुमति दे दी.
बीसीसीआई में आम राय यह है कि किसी भी क्रिकेटिया नियुक्ति की अधिसूचना पर सर्कुलर पर मानद महासचिव की मंजूरी होनी चाहिए. पता चला कि जौहरी ने 28 नवंबर को सदस्यों को यह जानकारी देने के लिये एक ईमेल भेजा कि 24 और 25 अक्तूबर को बैठक के दौरान प्रशासकों की समिति द्वारा लिये गये फैसले के अनुसार भारतीय महिला टीम के टीम मैनेजर पद के लिये आवेदन मंगाने का विज्ञापन आज बीसीसीआई की वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा. जब चौधरी को पता चला कि यह विज्ञापन जारी कर दिया गया है, उन्होंने जौहरी को तुरंत एक पत्र भेजा.
चौधरी ने लिखा, मैं इससे हैरान हूं. मैं 27 नवंबर से एक दिन पहले अपने कार्यालय (क्रिकेट सेंटर) में था और किसी ने भी इस विज्ञापन का जिक्र नहीं किया था और मेरे नाम से विज्ञापन अपलोड कर दिया गया, जबकि मैंने इसे एक बार देखा भी नहीं था. हैरानी की बात है कि इतनी जल्दबाजी की क्या जरुरत थी.
चौधरी का सवाल जायज भी है क्योंकि भारतीय सीनियर महिला टीम का अगला दौरा फरवरी में ही है. जब जौहरी से इस मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया लेकिन दिलचस्प बात है कि यह विज्ञापन अब वेबसाइट से हटा लिया गया है. अब केवल जीएम (क्रिकेट परिचालन) का पद ही अपलोड किया गया है.
हालांकि बीसीसीआई के अंदरुनी लोग इस बात से बिलकुल भी हैरान नहीं हैं कि एक बार फिर दो अधिकारियों के बीच के मतभेद खुले में सामने आने लगे हैं. बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर पीटीआई से कहा, इस पर अब भी कोई स्पष्टता नहीं है कि कौन बोर्ड का कार्यकारी पदाधिकारी है. अगर बीसीसीआई के इतने वर्षों के हिसाब से चला जाये तो कार्यकारी सचिव ही संस्था का पदाधिकारी होता है. लेकिन सीओए की व्यवस्था में यह सीईओ का हो गया.
सीईओ एक वेतनभोगी कर्मचारी है तो तो उसे सचिव को रिपोर्ट करना होता है. उन्होंने कहा, सदस्यों ने एक और मुद्दा उठाया है कि सचिव और सीईओ की भूमिकाओं का एक स्पष्ट निर्धारण हो. सीओए ने सीईओ के साथ आज मुंबई में क्रिकेट सेंटर में मुलाकात की. विनोद राय ने यह कहते हुए पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया कि यह बैठक दिनचर्या का हिस्सा थी.
उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच तीसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के दौरान धुंध से आयी बाधा संबंधित सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
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