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बिहार: सीवान सदर अस्पताल के बहुत सारे उपकरण खराब, आरटीपीसीआर लैब में काम कर रहे लोगों को संक्रमण का खतरा

Updated at : 24 Apr 2023 1:57 AM (IST)
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बिहार: सीवान सदर अस्पताल के बहुत सारे उपकरण खराब, आरटीपीसीआर लैब में काम कर रहे लोगों को संक्रमण का खतरा

देश में बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह दिख रहा है. लगभग 15 दिनों से अधिक समय से सदर अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब का एयर कंडीशन सहित अन्य उपकरण खराब पड़े हैं.

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सीवान: देश में बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह दिख रहा है. लगभग 15 दिनों से अधिक समय से सदर अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब का एयर कंडीशन सहित अन्य उपकरण खराब पड़े हैं. इन उपकरणों को ठीक कराने के प्रति विभाग के अधिकारियों के उदासीन रहने के कारण आरटी पीसीआर लैब में कोरोना जांच प्रभावित हो रहा है. एयर कंडीशन खराब होने से लैब में लगाये गये कीमती जांच के उपकरणों के खराब होने के साथ-साथ जांच की गुणवत्ता भी प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है. ऐसी बात नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं एयर कंडीशन खराब होने से अंदर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को गर्मी के मौसम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लैब को चारों तरफ से एयर प्रुफ बनाया गया है. इस स्थिति में एयर कंडीशन नहीं चलने से जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को काफी परेशानी होती है.

लैब का प्रेशर जीरो रखने वाला उपकरण भी है खराब

आरटीपीसीआर लैब में कोरोना जांच के दौरान लैब के अंदर मौजूद वायरस को बाहर करने के लिए लैब के अंदर का प्रेशर जीरो रखना पड़ता है. इसके लिए उपकरण भी लगाये गये हैं. लेकिन इन उपकरणों के खराब होने के कारण जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों कोरोना से संक्रमित होने का डर बना रहता है. बताया जाता है कि आरटी पीसीआर लैब के मुख्य टेक्नीशियन सहित कई कर्मी एक दो दिनों से बीमार चल रहे हैं. जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मी अगर संक्रमित होकर बीमार पड़ गये. उसी स्थिति में आरटीपीसीआर लैब का जांच का प्रभाव भी हो सकता है.

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आरटीपीसीआर लैब में समय से नहीं पहुंच रहा है सैंपल

राज्य के अन्य जिलों में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर प्रतिदिन बढ़ रही है. लेकिन सीवान में इस प्रकार की पॉजिटिविटी गट में बढ़ोतरी नहीं होने से जांच प्रक्रिया पर सवाल उठना लाजमी है. बताया जाता है कि कोरोना जांच कीजिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सैंपल नहीं लिए जाते. सैंपल यह भी जाते हैं तो चार से पांच दिनों का सैंपल एक साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब में भेजा जाता है. 22 अप्रैल को आरटी पीसीआर लैब में भगवानपुर हाट स्वास्थ्य केंद्र से 18 अप्रैल से 21 अप्रैल का सैंपल एक साथ जमा किया गया. नियमानुसार इन सैंपल को 24 घंटे के अंदर लैब में पहुंच जाना चाहिए. लैब में सैंपल रखने के लिए एक विशेष प्रकार का फ्रिज है जो माइनस 86 डिग्री पर काम करता है. सही ढंग से जांच के लिए सैंपलिंग एवं समय से सैंपल लैब में नहीं आने के कारण सीवान में कोरोना पॉजिटिविटी दर कम हो रही है.

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