Varalakshmi Vrat 2025: वरलक्ष्मी व्रत आज, जानें किस मुहूर्त में करें पूजा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 08 Aug 2025 7:26 AM

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Varalakshmi Vrat 2025 (PC: Freepik)

Varalakshmi Vrat 2025: वरलक्ष्मी व्रत 2025 आज पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है. मां लक्ष्मी की कृपा पाने के इच्छुक भक्त विशेष मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर अष्टलक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.

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Varalakshmi Vrat 2025:वरलक्ष्मी व्रत, जिसे वरलक्ष्मी पूजा भी कहा जाता है, माता लक्ष्मी को समर्पित एक महत्वपूर्ण और पवित्र हिन्दू पर्व है. यह व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं अपने परिवार के सुख, समृद्धि, सौभाग्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए करती हैं.

व्रत पूजन के शुभ मुहूर्त 2025

  • सिंह लग्न (प्रातः) – सुबह 06:58 से 09:06 बजे तक
  • वृश्चिक लग्न (अपराह्न) – दोपहर 01:24 से 03:38 बजे तक
  • कुंभ लग्न (संध्या) – शाम 07:33 से 09:10 बजे तक
  • वृषभ लग्न (मध्यरात्रि) – रात 12:28 से 02:28 बजे तक (9 अगस्त)

वरलक्ष्मी व्रत की पूजा विधि

  • स्नान और संकल्प – प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें.
  • कलश स्थापना – लकड़ी के पाटे पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. उस पर थोड़ा चावल रखें और ऊपर कलश स्थापित करें. कलश में जल, सुपारी, हल्दी, अक्षत और एक सिक्का डालें. कलश के मुंह पर आम के पत्ते रखें और ऊपर नारियल स्थापित करें.
  • माता लक्ष्मी की स्थापना – कलश के समीप माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र रखें. उन्हें फूल, चावल, कुमकुम, हल्दी आदि अर्पित करें.
  • आरती और कथा – विधिवत पूजा के बाद वरलक्ष्मी व्रत कथा पढ़ें या सुनें. कथा में माता चारुमती की कथा वर्णित है, जिनके व्रत से संपूर्ण नगर समृद्ध हो गया था.
  • भोग अर्पण – माता को खीर, पायसम, फल, नारियल, मिठाई और पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन अर्पित करें.
  • सौभाग्य सामग्री का आदान-प्रदान – व्रतधारी महिलाएं एक-दूसरे को चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी जैसी सुहाग सामग्री भेंट कर आशीर्वाद लेती हैं.
  • प्रसाद वितरण और व्रत समापन – अंत में प्रसाद सभी को बांटें और व्रत का समापन करें. कुछ महिलाएं व्रत का पारण अगले दिन करती हैं, जबकि कुछ संध्या में ही भोजन ग्रहण करती हैं.

वरलक्ष्मी व्रत का पौराणिक महत्व

यह व्रत देवी पार्वती और भगवान शिव से संबंधित है. मान्यता है कि एक बार माता पार्वती ने शिवजी से पूछा कि स्त्रियों के लिए सबसे कल्याणकारी व्रत कौन-सा है. तब शिवजी ने वरलक्ष्मी व्रत की महिमा बताई. विश्वास है कि जो महिलाएं इस व्रत को श्रद्धा और नियम से करती हैं, उनके जीवन में अष्टलक्ष्मी – धन, धान्य, संतान, विद्या, धैर्य, विजय, वीरता और गजलक्ष्मी – का स्थायी वास होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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