स्कन्द षष्ठी पर ये छोटा सा उपाय बदल सकता है आपकी पूजा का अनुभव, भगवान कार्तिकेय की इस मुहूर्त में करें पूजा

Edited by Shaurya Punj
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स्कन्द षष्ठी पर करें ये उपाय

Skanda Shashthi Remedy: स्कंद षष्ठी पर भगवान कार्तिकेय की पूजा के साथ एक छोटा उपाय करने से सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.

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Skanda Shashthi Remedy: हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित माना जाता है. भगवान कार्तिकेय को स्कंद, मुरुगन और कुमारस्वामी के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने तथा पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है.

स्कंद षष्ठी 2026: जानिए पूजा के शुभ समय और विशेष योग

वैदिक पंचांग के अनुसार, स्कंद षष्ठी की तिथि 19 जून की शाम 5 बजे से आरंभ होकर 20 जून को दोपहर 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगी. इस दौरान भक्त भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत कर उनकी विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं. पूजा-पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:03 बजे से 4:43 बजे तक रहेगा, जिसे आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. वहीं सुबह 8:36 बजे से 10:06 बजे तक अमृत काल का संयोग रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2:42 बजे से 3:38 बजे तक रहेगा. खास बात यह है कि इस बार स्कंद षष्ठी पर रवि योग और निशिता मुहूर्त जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिससे इस पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है.

स्कंद षष्ठी का दिन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि इसे साहस, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है. भक्त इस दिन भगवान कार्तिकेय से जीवन की बाधाओं को दूर करने और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं.

स्कन्द षष्ठी पर करें यह छोटा उपाय

मान्यता है कि स्कंद षष्ठी के दिन पूजा के दौरान भगवान कार्तिकेय को लाल या पीले फूल अर्पित करने के साथ “ॐ स्कन्दाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना बेहद शुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि यह छोटा सा उपाय मन को शांति प्रदान करता है और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है. इसके साथ ही पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाकर भगवान कार्तिकेय के सामने कुछ समय ध्यान करने से भी विशेष लाभ मिलने की बात कही जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है.

ये भी पढ़ें: आज बन रहे दुर्लभ शुभ योग, यहां से जानें भगवान कार्तिकेय और तारकासुर की पौराणिक कथा

भगवान कार्तिकेय और तारकासुर की कथा से मिलता है संदेश

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय ने अपने साहस और दिव्य शक्ति से अत्याचारी दैत्य तारकासुर का वध किया था. यह कथा केवल देव और दानव के युद्ध की नहीं बल्कि अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक भी मानी जाती है. भगवान कार्तिकेय का जीवन हमें यह संदेश देता है कि साहस, संयम और सही दिशा में किए गए प्रयास बड़े से बड़े संकट को दूर कर सकते हैं.

पूजा का आध्यात्मिक महत्व

स्कंद षष्ठी का पर्व भक्तों को केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि आत्मबल और सकारात्मक सोच की प्रेरणा भी देता है. माना जाता है कि श्रद्धा से की गई छोटी पूजा या उपाय भी जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं.

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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