Sharad Purnima Vrat Katha: शरद पूर्णिमा पर मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद, जरूर पढ़ें यह व्रत कथा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 06 Oct 2025 11:23 AM

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Sharad Purnima

Sharad Purnima Vrat Katha: शरद पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की श्रद्धा से पूजा करें. इसके साथ ही, पूजा के दौरान इस व्रत की कथा अवश्य पढ़ें.

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Sharad Purnima Vrat Katha: शरद पूर्णिमा का पावन पर्व आज 06 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. शरद पूर्णिमा के लिए अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का होना आवश्यक है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और उसके बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. इसके अतिरिक्त, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की परंपरा भी है. यदि आप भी इच्छित फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो शरद पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की श्रद्धा से पूजा करें. इसके साथ ही, पूजा के दौरान इस व्रत की कथा अवश्य पढ़ें.

शरद पूर्णिमा व्रत कथा

एक प्राचीन कथा के अनुसार, एक समय की बात है, एक नगर में एक साहुकार निवास करता था. उसके दो पुत्रियाँ थीं, जो पूर्णिमा के उपवास का पालन करती थीं. किंतु, साहुकार की छोटी पुत्री इस उपवास को अधूरा छोड़ देती थी, जबकि बड़ी पुत्री हमेशा श्रद्धा और समर्पण के साथ इस व्रत का पालन करती थी. जब दोनों का विवाह हुआ, तो बड़ी पुत्री ने विवाह के बाद भी अपनी आस्था के साथ उपवास जारी रखा. इस व्रत के फलस्वरूप, उसे एक सुंदर और स्वस्थ संतान प्राप्त हुई. वहीं, छोटी पुत्री को संतान प्राप्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिससे वह बहुत चिंतित रहने लगी. इस समस्या के समाधान के लिए, साहुकार की छोटी बेटी और उसके पति ने ब्राह्मणों को बुलाकर अपनी कुंडली दिखाई और जानना चाहा कि संतान प्राप्ति में समस्या का कारण क्या है.

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विद्वान पंडितों ने बताया कि उसने पूर्णिमा के व्रत को सही तरीके से नहीं किया, इसलिए उसके साथ यह घटना घटित हो रही है. ब्राह्मणों ने उसे इस व्रत की विधि समझाई. इसके बाद उसने विधि अनुसार व्रत किया. इस बार उसकी छोटी बेटी का जन्म तो हुआ, लेकिन वह कुछ दिनों के बाद ही जीवित रह सकी. उसने अपनी मृत संतान को पीढ़े पर लिटाकर कपड़ा रख दिया और अपनी बहन को बुलाया, उसे उसी पीढ़े पर बैठने के लिए कहा जिस पर छोटी बहन की मृत संतान थी. जैसे ही बड़ी बहन पीढ़े पर बैठने लगी, बच्चे के रोने की आवाज़ सुनाई दी. बड़ी बहन को यह सुनकर आश्चर्य हुआ और उसने कहा कि क्या तुम अपनी संतान की मृत्यु का दोष मुझ पर लगा रही हो? छोटी बहन ने उत्तर दिया कि यह तो पहले से ही मरा हुआ था, आपके प्रभाव से इसके प्राण वापस आ गए. इसके बाद शरद पूर्णिमा व्रत की शक्ति का महत्व पूरे नगर में फैल गया.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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