मोती पहनने से पहले जान लें ये नियम, भूलकर भी साथ न पहनें ये 5 रत्न
Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 May 2026 12:40 PM
मोती पहनने के नियम
Pearl Gemstone Wearing Rules: मोती मानसिक शांति और भावनात्मक मजबूती देता है, लेकिन गलत रत्नों के साथ पहनने से तनाव, भ्रम और वैवाहिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. जानिए मोती धारण करने के सही नियम.
Pearl Gemstone Wearing Rules: रत्न शास्त्र में मोती को चंद्रमा का रत्न माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार यह मन को शांति, भावनात्मक मजबूती और मानसिक संतुलन प्रदान करता है. मोती धारण करने से व्यक्ति का गुस्सा नियंत्रित रहता है, फिजूलखर्ची कम होती है और मन सकारात्मक बना रहता है. लेकिन यदि इसे गलत रत्नों के साथ पहन लिया जाए तो लाभ की जगह गंभीर मानसिक अशांति और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए मोती पहनने से पहले उसके सही नियम और निषिद्ध संयोजनों को जानना बेहद जरूरी है.
मोती पहनने का सही तरीका
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती को सोमवार के दिन धारण करना सबसे शुभ माना गया है. इसे पहनने से पहले गंगाजल से शुद्ध करें और “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. इसके बाद मोती को हाथ की कनिष्ठा यानी छोटी उंगली में धारण करना चाहिए. सही विधि से पहना गया मोती मानसिक शांति और सुख-समृद्धि देने वाला माना जाता है.
मोती के साथ भूलकर भी न पहनें ये रत्न
नीलम
मोती के साथ नीलम पहनना अशुभ माना गया है. इससे जीवन में अचानक समस्याएं बढ़ सकती हैं और मानसिक तनाव लगातार बना रहता है.
हीरा
मोती और हीरे का संयोजन वैवाहिक जीवन में कलह बढ़ा सकता है. पति-पत्नी के बीच तनाव और मानसिक अशांति पैदा होने की संभावना रहती है.
गोमेद
गोमेद के साथ मोती धारण करने से डर, घबराहट और नकारात्मक विचार हावी होने लगते हैं. मन हमेशा बेचैन बना रह सकता है.
पन्ना
मोती और पन्ना साथ पहनने से निर्णय क्षमता कमजोर हो सकती है. व्यक्ति भ्रमित रहने लगता है और आत्मविश्वास डगमगा सकता है.
लहसुनिया
इन दोनों रत्नों का मेल एकाग्रता को प्रभावित करता है. किसी भी काम में मन नहीं लगता और बेचैनी बनी रहती है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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