Shani Sade Sati: क्या होती है शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या, जानिए ज्योतिषाचार्य से सबकुछ
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 30 Mar 2024 5:12 PM
Shani Sade Sati
Shani Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या को कष्टदायक माना जाता है. वहीं सबसे ज्यादा कष्टकारी शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण होता है. ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के उपाय भी बताए गए हैं.
Shani Sade Sati: शनिदेव जब किसी राशि के दूसरे और 12वें भाव या राशि में रहते हैं तो उस राशि पर शनि का साढ़ेसाती शुरू हो जाती है. इतना ही साढ़ेसाती का प्रभाव तीन चरणों का होता है, जो ढाई-ढाई साल का तीन चरण होता है. इस तरह से साढ़ेसाती की पूर्ण अवधि साढ़े सात साल की होती है. वहीं जब शनि देव गोचर करके जन्मकालीन राशि से चतुर्थ या अष्टम भाव में स्थित होते हैं तो इसे शनि ढैय्या कहा जाता है. शनि ढैय्या की अवधि ढाई वर्ष की होती है. ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या को अशुभ व कष्टदायक माना गया है.
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या कष्टदायक
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या को कष्टदायक माना जाता है. हालांकि कुंडली में शनि की स्थिति के अनुसार ही ढैय्या और साढ़ेसाती का अच्छा या बुरा फल मिलता है. कुंडली में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कारण व्यक्ति को आर्थिक, मानसिक, पारिवारिक और शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के उपाय भी बताए गए हैं.
शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्टकारी
शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्टकारी होता है, जब शनि बारहवें घर से पहले या मूल चंद्र घर में जाते हैं. यह चरण जातक को धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जातक भारी कर्ज में डूब सकता है, इसके अलावा गलतफहमियों के कारण गंभीर वाद-विवाद और रिश्तों के टूटने के योग बन सकते हैं. इसके अलावा धन से जुड़ी परेशानियां के साथ आंखों से जुड़ी प्रॉब्लम होती है.
साढ़ेसाती से बचने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि शनि की साढ़े साती के प्रभाव से बचाव के लिए शनिवार के दिन काले जूते, चमड़े के चप्पल, सरसों का तेल, नमक, लोहा, अनाज और बर्तन का दान करना चाहिए. इसके साथ ही धन का भी दान कर सकते हैं. हर शनिवार को स्नान-ध्यान के बाद जल में काले तिल मिलाकर देवों के देव महादेव का अभिषेक करें.
शनि ग्रह को खुश करने के लिए क्या करना चाहिए? जानें उपाय
शनि दोष दूर करने के आसान उपाय
शनि कर्म भाव के स्वामी है. शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए अच्छे कर्म करना चाहिए.शनि दोष से राहत पाने के लिए शनिवार का व्रत रखना चाहिए. इसके साथ ही हनुमान की पूजा करें. शनि मंत्र और दान भी शनि दोष से राहत पाने का प्रमुख उपाय है.
ज्योतिष संबंधित चुनिंदा सवालों के जवाब प्रकाशित किए जाएंगे
यदि आपकी कोई ज्योतिषीय, आध्यात्मिक या गूढ़ जिज्ञासा हो, तो अपनी जन्म तिथि, जन्म समय व जन्म स्थान के साथ कम शब्दों में अपना प्रश्न radheshyam.kushwaha@prabhatkhabar.in या WhatsApp No- 8109683217 पर भेजें. सब्जेक्ट लाइन में ‘प्रभात खबर डिजीटल’ जरूर लिखें. चुनिंदा सवालों के जवाब प्रभात खबर डिजीटल के धर्म सेक्शन में प्रकाशित किये जाएंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










