फरवरी 2026 में शनि प्रदोष व्रत कब है? जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विशेष उपाय

Updated at : 07 Feb 2026 7:34 PM (IST)
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Shani Pradosh Vrat 2026

प्रदोष व्रत 2026

Pradosh Vrat 2026: आज 14 फरवरी 2026 दिन शनिवार को फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है. ग्रहों की विशेष स्थिति और प्रदोष काल में की गई पूजा से साधक को सुख, शांति और कष्टों से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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Pradosh Vrat 2026: सनातन परंपरा में भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार का दिन और त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व है. हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में आने वाली त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखकर महादेव की पूजा अर्चना करने का विधान है. ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा ने बताया कि प्रदोष व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय, शुभ, पुण्यदायक और मंगलकारी माना गया है. भगवान शिव की कृपा पाने के लिए स्त्री और पुरुष दोनों ही श्रद्धा और विधि-विधान से इस व्रत को रखते हैं. धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के पुण्य प्रभाव से व्यक्ति के दुख, दोष दूर होते हैं और सभी कामनाएं पूर्ण होती हैं.

फरवरी 2026 में कब रखा जाएगा शनि प्रदोष व्रत?

पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 14 फरवरी 2026, शनिवार को शाम 03 बजकर 10 मिनट से प्रारंभ होकर 15 फरवरी 2026 दिन रविवार को शाम 04 बजकर 23 मिनट तक रहेगी. प्रदोष व्रत 14 फरवरी 2026 को रखा जाएगा. चूंकि यह प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा.

शनि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

शनि प्रदोष व्रत 14 फरवरी 2026 दिन शनिवार को है.
शनि प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ – 14 फरवरी 2026 को दोपहर 03 बजकर 10 मिनट पर
शनि प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि समाप्त – दोपहर 15 फरवरी 2026 को दोपहर 04 बजकर 23 मिनट पर
शनि प्रदोष व्रत पूजा का शुभ समय – 14 फरवरी को सुबह 06 बजकर 25 मिनट से 09 बजकर 15 मिनट तक
शनि प्रदोष काल पूजा का शुभ समय- 14 फरवरी को शाम 05 बजकर 42 मिनट से 07 बजकर 18 मिनट तक
शनि प्रदोष व्रत पारण शुभ समय – 15 फरवरी को सुबह 07 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक

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शनि प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल सबसे श्रेष्ठ माना गया है. शनि प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल सायंकाल 05 बजकर 30 मिनट से रात्रि 08 बजे तक रहेगा, लेकिन पूजा करने के लिए शुभ समय 05 बजकर 42 मिनट से 07 बजकर 18 मिनट तक है. इस प्रकार शिव भक्तों को पूजा के लिए लगभग डेढ़ घंटे का शुभ समय प्राप्त होगा.

शनि प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधि

ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा ने बताया कि प्रदोष व्रत की विशेष पूजा दिन और रात्रि के संधिकाल यानी प्रदोष काल में की जाती है. हालांकि व्रत करने वाले साधक को प्रातःकाल स्नान कर तन-मन से शुद्ध होकर भगवान शिव का पूजन अवश्य करना चाहिए.

प्रदोष काल में सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें.
इसके बाद दूध, दही, घी, शहद आदि से अभिषेक करें.
भगवान शिव को बेलपत्र, बेल, धतूरा, शमीपत्र, भांग, भस्म, पुष्प, मिश्री व मिष्ठान्न अर्पित करें.
इसके बाद प्रदोष व्रत की कथा कहें या सुनें.
मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें.
अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद वितरण करें.

शनि प्रदोष व्रत के विशेष उपाय

शनि प्रदोष व्रत के दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है.
शनि प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें, इससे शनि दोष शांत होता है.
पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं. यह उपाय शनिदेव को अत्यंत प्रिय माना गया है.
संध्या काल में बेल के पेड़ के नीचे तथा किसी शिवालय में घी का दीपक जलाएं, इससे भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं.

शनि प्रदोष व्रत पर शनि दान का महत्व

ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा ने बताया कि यदि शनि प्रदोष व्रत के दिन शिव पूजा के साथ-साथ शनिदेव से संबंधित कुछ चीजें दान करें या ज्योतिषीय उपाय किए जाएं, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. इस दिन काले तिल, सरसों का तेल, उड़द, कंबल, लोहे का दान करना विशेष फलदायी माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में काफी हद तक कमी आती है और जीवन की बाधाएं दूर होने लगती हैं.

शनि प्रदोष व्रत के लाभ

सुख, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है.
शनि प्रदोष व्रत करने से संतान सुख का योग बनता है.
शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट कम होते हैं.
मानसिक शांति और जीवन में स्थिरता आती है.
भगवान शिव और शनिदेव दोनों की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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