शनि जयंती पर सरसों तेल, काले तिल और दीपक का महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 May 2026 3:00 PM

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शनि जयंती 2026

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर सरसों तेल, काले तिल और दीपक का विशेष महत्व माना जाता है. ये सामग्री नकारात्मक ऊर्जा दूर कर शनि कृपा, शांति, सुख और समृद्धि प्रदान करती है.

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Shani Jayanti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन दिन न्याय के देवता शनि देव का जन्म हुआ था. इसलिए यह दिन शनि आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं, विधि-विधान से शनि पूजा करते हैं और जीवन के कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शनि पूजा से बाधाएं कम होती हैं, रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.

शनि जयंती 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

इस वर्ष शनि जयंती की तिथि को लेकर पंचांग अनुसार थोड़ा असमंजस देखा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 05 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होकर 17 मई 2026 को देर रात 01 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगी. हिंदू परंपरा में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी. यह संयोग और भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव का दिन है.

शनि पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्रियों का महत्व

शनि पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री केवल अनुष्ठानिक वस्तुएं नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक अर्थों से जुड़ी होती हैं. सरसों का तेल, काले तिल और दीपक शनि आराधना के प्रमुख अंग माने जाते हैं. बिहार, झारखंड और अन्य क्षेत्रों में इनका प्रयोग विशेष श्रद्धा के साथ किया जाता है.

सरसों तेल: नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक

सरसों का तेल शनि देव को अत्यंत प्रिय माना जाता है. इसे अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और ग्रह दोष शांत होते हैं. भक्त तेल का दीपक जलाकर या प्रतिमा पर अर्पित करके शनि कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं.

काले तिल: कर्म और शुद्धि का प्रतीक

काले तिल शनि देव से गहराई से जुड़े माने जाते हैं. इन्हें अर्पित करने से पापों के प्रभाव कम होने और मानसिक शांति मिलने की मान्यता है. कई श्रद्धालु इस दिन तिल का दान भी करते हैं, जिसे अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है.

दीपक: अंधकार से प्रकाश की ओर यात्रा

शनि मंदिरों या पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाना आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है. यह अज्ञान, भय और बाधाओं से मुक्ति का संदेश देता है. माना जाता है कि दीपक की लौ शनि देव की कृपा को आकर्षित करती है और जीवन में स्थिरता तथा अनुशासन लाती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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