कल मनाया जाएगा सतुआन पर्व, सत्तू खाने की परंपरा के पीछे छिपा है बड़ा रहस्य

Published by : Shaurya Punj Updated At : 13 Apr 2026 5:20 PM

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सतुआन पर्व 2026 का महत्व (AI Generated Image)

Satuaan Parv 2026: सतुआन पर्व इस साल 2026 में 14 अप्रैल को मनाया जाएगा, जो मेष संक्रांति और सौर नववर्ष से जुड़ा है, इसमें सत्तू का सेवन, दान और सूर्य पूजा का विशेष महत्व है.

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Satuan Parv 2026: सतुआन पर्व, जिसे सतुआनी या बिसुआ भी कहा जाता है, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड का एक प्रमुख लोक पर्व है. यह पर्व ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और मौसम परिवर्तन से गहराई से जुड़ा हुआ है. हर वर्ष लगभग 14 अप्रैल को, जब मेष संक्रांति होती है और सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब इस पर्व को मनाया जाता है. सतुआन पर्व कल यानी 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा. इस दिन को हिंदू सौर नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है.

सतुआन पर्व का महत्व

रांची के हनुमान जोड़ा मंदिर के पुजारी रामेश्वर पाठक सतुआन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और स्वास्थ्य से जुड़ा उत्सव है. यह गर्मी के आगमन का संकेत देता है और किसान इसे नए कृषि चक्र की शुरुआत के रूप में देखते हैं. इस दिन ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है जो शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और ऊर्जा बनाए रखते हैं. यह पर्व हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने और सरल जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है.

सतुआन में क्या खाया जाता है?

इस दिन सत्तू (भुने चने का आटा) का विशेष महत्व होता है. लोग सत्तू का घोल बनाकर पीते हैं, जिसमें पानी, नमक या चीनी और नींबू मिलाया जाता है. इसके अलावा सत्तू के लड्डू, आम का पना, कच्चे आम, प्याज और हरी मिर्च का सेवन किया जाता है. सत्तू शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ तुरंत ऊर्जा देने वाला आहार है, जो गर्मी के मौसम के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है.

सतुआन पूजा और परंपराएं

सतुआन के दिन लोग सुबह स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं. इसके बाद सत्तू और जल का दान किया जाता है. कई स्थानों पर लोग नदी या तालाब में स्नान करते हैं और ब्राह्मणों तथा जरूरतमंदों को भोजन कराते हैं. इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है और लोग श्रद्धा के साथ सरल पूजा-पाठ करते हैं.

सतुआन पर्व की कथा

लोककथाओं के अनुसार, प्राचीन समय में एक गरीब ब्राह्मण और उसकी पत्नी रहते थे, जो अत्यंत धार्मिक थे लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर थे. मेष संक्रांति के दिन उन्होंने सोचा कि दान करना चाहिए, पर घर में कुछ नहीं था. तब पत्नी ने थोड़ा चना भूनकर सत्तू बनाया और उसी का दान करने का सुझाव दिया. ब्राह्मण ने श्रद्धा से सत्तू का दान किया और स्वयं भी उसी से संतोष किया.

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कथा से मिलने वाली सीख

इस छोटे से दान के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगे—घर में सुख-शांति बढ़ी, आर्थिक स्थिति सुधरी और समाज में सम्मान मिला. यह कथा सिखाती है कि सच्ची भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है. छोटा सा दान भी अगर श्रद्धा से किया जाए तो बड़ा फल देता है. तभी से इस दिन सत्तू खाने और दान करने की परंपरा चली आ रही है, जिसे आज सतुआन पर्व के रूप में मनाया जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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