इस दिन है सतुआन पर्व, यहां देखें सही डेट

Updated:
विज्ञापन

सतुआन 2026 का पर्व कब मनाया जाएगा (AI Generated Image)

Satuan 2026: सतुआन 2026 का पर्व 14 अप्रैल को मनाया जाएगा, जिसमें सत्तू, आम और ठंडी तासीर वाले भोजन का सेवन कर लोग गर्मी की शुरुआत का स्वागत करते हैं.

विज्ञापन

Satuan 2026: सतुआन पर्व, जिसे सतुआनी या सतुआ संक्रांति भी कहा जाता है, भारतीय ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा एक पारंपरिक त्योहार है. यह पर्व भीषण गर्मी के आगमन और नई फसल की खुशी में मनाया जाता है. इस दिन विशेष रूप से सत्तू का सेवन किया जाता है, जो शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला पौष्टिक आहार माना जाता है. यही वजह है कि इस पर्व का नाम सतुआन पड़ा. आइए जानते हैं 2026 में यह पर्व कब मनाया जाएगा और इसका धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व क्या है.

विज्ञापन

कब है सतुआनी 2026

गांव-देहात की ताजगी भरी सुबह, मिट्टी की सोंधी खुशबू और रसोई से आती सत्तू की महक—इसी माहौल में मनाया जाता है सतुआनी का त्योहार. हर साल यह पर्व मेष संक्रांति के दिन मनाया जाता है. वर्ष 2026 में सतुआनी 14 अप्रैल, मंगलवार को मनाई जाएगी. यह दिन सूर्य के मीन से मेष राशि में प्रवेश का प्रतीक होता है, जिससे नए मौसम और नई ऊर्जा की शुरुआत मानी जाती है.

त्रिपुष्कर योग में बनेगा खास संयोग

इस वर्ष सतुआनी का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ शतभिषा नक्षत्र, शुक्ल योग, सिद्ध योग और त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. यह संयोजन इस दिन को अत्यंत फलदायी और शुभ बनाता है, जिससे किए गए कार्यों में सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

सतुआन पूजा विधि

सतुआनी की पूजा विधि भी बेहद खास और परंपरागत है. इस पर्व से एक दिन पहले मिट्टी के घड़े में जल भरकर ढककर रखा जाता है. अगले दिन सुबह इसी जल से पूरे घर में छिड़काव किया जाता है, जिससे घर की शुद्धि मानी जाती है. इस दिन बासी भोजन करने की परंपरा भी है. मान्यता है कि मेष संक्रांति के पुण्यकाल में सूर्य और चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है.

सतुआन का महत्व

सतुआन पर्व मेष संक्रांति के दिन मनाया जाता है और इसी के साथ खरमास का समापन होता है. इसके बाद शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है. यह त्योहार लोगों को गर्मी के मौसम के लिए तैयार करता है. इस दिन ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ जैसे सत्तू, कच्चे आम, मूली और गुड़ का सेवन किया जाता है, जो शरीर को ऊर्जा और ठंडक प्रदान करते हैं.

सत्तू और आम खाने की परंपरा

जब सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष में प्रवेश करता है, तब गर्मी का आगमन माना जाता है. ऐसे में सत्तू और कच्चे आम से बनी चटनी का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. यही कारण है कि सतुआनी के दिन सत्तू खाने की परंपरा का विशेष महत्व है. यह न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि प्रकृति के साथ तालमेल बैठाने का भी संदेश देता है.

सतुआन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि बदलते मौसम के साथ जीवनशैली को संतुलित करने की परंपरा है, जो स्वास्थ्य, आस्था और प्रकृति के बीच सुंदर सामंजस्य स्थापित करती है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola