Mahakumbh 2025: पूर्ण , अर्ध और महाकुंभ में ये है अंतर, जानें यहां

Published by : Shaurya Punj Updated At : 12 Dec 2024 10:31 AM

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Mahakumbh 2025

Mahakumbh 2025: अगले साल की शुरुआत में लगने वाले प्रयागराज कुंभ मेले की तैयारियां इस समय जोरों पर हैं.कुंभ मेले के अवसर पर देश-विदेश से अनेक श्रद्धालु, श्रद्धालु और साधु-संत यहां पहुंचते हैं.कुम्भ मेले के संबंध में मान्यता है कि यह हर 12 वर्ष में आयोजित होता है.जब बृहस्पति सूर्य की परिक्रमा करता है तब कुंभ मेले के आयोजन की परंपरा है.ये कुंभ मेले मुख्य रूप से प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में आयोजित किये जाते हैं.

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Mahakumbh 2025: कुंभ मेला भारतीय संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है.यह हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक जैसे चार पवित्र स्थानों पर आयोजित होता है.कुंभ मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि खगोलीय घटनाओं से जुड़ी एक विशेष परंपरा है.2025 में महाकुंभ प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, जो कुल 45 दिनों का आयोजन होगा.अक्सर लोग कुंभ, अर्धकुंभ, पूर्णकुंभ और महाकुंभ के बीच अंतर को लेकर भ्रमित रहते हैं.इन आयोजनों का समय, धार्मिक महत्व और खगोलीय स्थितियों पर आधारित अंतर इन्हें खास बनाता है.इनके बीच के अंतर को जानिए.

कुंभ मेला (हर 12 साल में)

स्थान: चारों पवित्र स्थल (हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक).
खगोलीय स्थिति: जब सूर्य, चंद्रमा और गुरु (बृहस्पति) विशेष खगोलीय स्थिति में होते हैं.
महत्व: इस समय इन स्थानों की नदियों (गंगा, क्षिप्रा, गोदावरी और संगम) का जल बेहद पवित्र माना जाता है.

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अर्धकुंभ मेला (हर 6 साल में)

स्थान: केवल हरिद्वार और प्रयागराज.
अर्थ: ‘अर्ध’ का मतलब है आधा.यह कुंभ और पूर्णकुंभ के बीच की अवधि में आयोजित होता है.
विशेषता: इसे कुंभ चक्र का मध्य चरण माना जाता है.

पूर्णकुंभ मेला (हर 12 साल में, केवल प्रयागराज में)

स्थान: केवल प्रयागराज.
महत्व: इसे कुंभ मेले का उच्चतम धार्मिक स्तर माना जाता है.
2025 में आयोजन: इस साल प्रयागराज में पूर्णकुंभ का आयोजन होगा.

महाकुंभ मेला (हर 144 साल में)

स्थान: सिर्फ प्रयागराज।
महत्व: 12 पूर्णकुंभों के बाद आयोजित यह मेला एक ऐतिहासिक और दुर्लभ धार्मिक आयोजन है.
विशेषता: इसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, और इसे सबसे भव्य धार्मिक पर्व माना जाता है.

महाकुंभ का स्थान कैसे तय होता है?

महाकुंभ के आयोजन स्थल का निर्धारण ग्रहों की स्थितियों के आधार पर होता है, खासतौर पर गुरु (बृहस्पति) और सूर्य की स्थिति पर.

हरिद्वार: जब गुरु कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में होते हैं.
उज्जैन: जब सूर्य मेष राशि में और गुरु सिंह राशि में होते हैं.
नासिक: जब गुरु और सूर्य दोनों सिंह राशि में होते हैं.
प्रयागराज: जब गुरु वृषभ राशि में और शनि मकर राशि में होते हैं.

महाकुंभ 2025 क्यों खास है?

2025 का महाकुंभ प्रयागराज में 12 साल बाद आयोजित हो रहा है. यह सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और खगोलीय महत्व रखता है. इस आयोजन में शामिल होकर भक्त न केवल अपने पापों का क्षय मानते हैं, बल्कि मोक्ष की ओर अग्रसर होने का अनुभव भी करते हैं.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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