अलग होते हैं नागा साधु और अघोरी बाबा, जानिए क्या है अंतर

Published by : Shaurya Punj Updated At : 08 Jan 2025 10:55 AM

विज्ञापन

Mahakumbh 2025: difference between naga sadhu and aghori baba

Mahakumbh 2025: सनातन धर्म में अनेक बाबा, साधु और संत होते हैं, जिनकी वेशभूषा और रहन-सहन एक-दूसरे से भिन्न होती है. इनमें नागा साधु और अघोरी बाबा विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं. ये दोनों साधु अन्य साधुओं से भिन्न दिखाई देते हैं. हालांकि, जब भी नागा साधु और अघोरी बाबा का नाम लिया जाता है, तो लोग अक्सर इन दोनों के बीच का अंतर समझ नहीं पाते.

विज्ञापन

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 की शुरुआत होने जा रही है. सोमवार 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ आरंभ होगा. कुंभ मेले में नागा साधुओं की एक बड़ी संख्या उपस्थित होती है. इसके अलावा, वे अधिकांश समय एकांत में बिताते हैं, हिमालय की ऊंची चोटियों पर रहकर दुनिया से अलग होकर गुप्त रूप से योग और साधना करते हैं. बहुत से लोग नागा साधु और अघोरी बाबा  के बीच के अंतर को नहीं समझ पाते, यहां से जानें.

नागा साधु और अघोरी बाबा के बीच का अंतर

शिव की आराधना
नागा साधुओं और अघोरी बाबाओं को अत्यंत कठिन परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है. साधु बनने के लिए इन्हें लगभग 12 वर्षों की कठोर तपस्या करनी होती है. अघोरी बाबा श्मशान में साधना करते हैं और उन्हें वर्षों तक वहीं समय बिताना पड़ता है. इन दोनों के तप करने के तरीके, जीवनशैली, ध्यान और आहार में भिन्नता होती है, लेकिन यह सत्य है कि दोनों ही शिव की आराधना में संलग्न रहते हैं.

कल्पवास का महाकुंभ से क्या है संबंध, इन बातों का रखा जाता है विशेष ध्यान 

अखाड़ों का इतिहास है सदियों पुराना, जानिए परंपरा और इसका महत्व

नागा साधु बनने की प्रक्रिया

जहां नागा साधु बनने के लिए अखाड़े में गुरु की आवश्यकता होती है, वहीं अघोरी बनने के लिए किसी गुरु की आवश्यकता नहीं होती. ऐसा माना जाता है कि इनके गुरु स्वयं भगवान शिव हैं. इन्हें भगवान शिव का पांचवां अवतार माना जाता है और ये श्मशान के निकट कब्रिस्तान में बैठकर तप करते हैं.

नागा शब्द का अर्थ

‘नागा’ शब्द की उत्पत्ति के संबंध में कुछ विद्वानों का मानना है कि यह संस्कृत के ‘नागा’ से आया है, जिसका अर्थ ‘पहाड़’ होता है. इस पर निवास करने वाले लोग ‘पहाड़ी’ या ‘नागा’ के रूप में जाने जाते हैं. उत्तरी-पूर्वी भारत में रहने वाले इन समुदायों को भी ‘नागा’ कहा जाता है.

अघोरी शब्द का अर्थ

अघोरी शब्द का अर्थ संस्कृत में ‘उजाले की ओर’ होता है. इस शब्द को पवित्रता और सभी प्रकार की बुराइयों से मुक्ति के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है. हालांकि, अघोरियों का रहन-सहन और उनके तरीके इसके बिल्कुल विपरीत प्रतीत होते हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola