महिलाएं बाएं हाथ में क्यों बांधती हैं कलावा, क्या हैं इसे पहनने के नियम
Published by : Shaurya Punj Updated At : 06 Jan 2025 12:37 PM
Kalawa Rules
Kalawa Rules: कलावे को मौली या रक्षासूत्र के नाम से भी जाना जाता है. यह माना जाता है कि धार्मिक अनुष्ठानों के समय कलावा बांधने से उन कार्यों की पवित्रता बनी रहती है. इसके अतिरिक्त, यह विश्वास भी है कि रक्षा सूत्र हमारी सुरक्षा करता है और नकारात्मकता को हमसे दूर रखता है. आइए, इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण नियमों के बारे में जानते हैं.
Kalawa Rules: कलावा, जिसे मौली के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण है. इसे पूजा-पाठ के समय हाथ में बांधने की परंपरा है. इसे एक पवित्र धागा माना जाता है. कलावा आमतौर पर लाल और पीले रंग के धागों से निर्मित होता है. इसे देवताओं की कृपा, सुरक्षा और शुभता का प्रतीक माना जाता है.
केवल विवाहित महिलाओं के लिए रक्षा सूत्र बायें हाथ में बांधा जाता है, जबकि अन्य सभी व्यक्तियों, जैसे पुरुष, कन्याएं, अविवाहित महिलाएं या जिनके जीवन साथी का निधन हो चुका है, के लिए यह दाएं हाथ में बांधा जाता है.
योगसूत्र और आयुर्वेद के अनुसार, मानव शरीर में 72 हजार नाड़ियां (सूक्ष्म धमनियां) होती हैं, और महिलाओं के दाएं हाथ की नाड़ी गर्भावस्था पर प्रभाव डाल सकती है. दाएं हाथ की नाड़ी पर विशेष दबाव डालने से गर्भस्थ शिशु और मां दोनों को नुकसान हो सकता है. इस कारण विवाहित महिलाओं के स्वास्थ्य और गर्भधारण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके बाएं हाथ में कलावा या रक्षा सूत्र नहीं बांधा जाता है.
झारखंड का सबसे भव्य राधा कृष्ण मंदिर आम जनता के लिए खुला, दिखेगी खूबसूरत कांच की कलाकारी
Mahakumbh Mela 2025: महाकुंभ में किस घाट पर नहाने का है सबसे अधिक महत्व
प्राचीन काल में रक्षा सूत्र बांधने के लिए विशेष प्रशिक्षण और अभ्यास को अत्यधिक महत्व दिया जाता था, क्योंकि इसका धार्मिक महत्व के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका होती थी.
विशिष्ट स्थान पर विशेष तरीके से गांठ बांधने से व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, आवश्यकता और शरीर की प्रकृति पर प्रभाव डाला जा सकता है.
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में कलाई की नाड़ी का परीक्षण और उसे संतुलित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है. रक्षा सूत्र भी कलाई की उसी नाड़ी पर बांधा जाता है, जिस नाड़ी का परीक्षण वैद्य या नाड़ी चिकित्सक कलाई के विशेष बिंदु पर करते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










