Last Rites of Children: छोटे बच्चों का अंतिम संस्कार कैसे होता है? जानिए क्या लिखा है धर्मशास्त्रों में

Published by :Shaurya Punj
Published at :08 Jul 2025 1:08 PM (IST)
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Hindu death rituals for children in Hindi

Hindu death rituals for children

Hindu death rituals for children: हिंदू धर्म में छोटे बच्चों के निधन को एक विशुद्ध आत्मा की यात्रा माना जाता है. धर्मशास्त्रों के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का अंतिम संस्कार वयस्कों से अलग होता है. इस लेख में जानिए इन विशेष धार्मिक मान्यताओं और प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी.

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Last Rites of Children: हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार को आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग माना जाता है. हालांकि, जब किसी 18 वर्ष से कम उम्र के बालक या बालिका का निधन होता है, तो उनकी अंतिम संस्कार विधि वयस्कों से कुछ भिन्न होती है. इसका कारण यह है कि धार्मिक दृष्टिकोण से छोटे बच्चों को कर्म बंधन से अछूता और निर्दोष माना जाता है. उनकी आत्मा को शुद्ध और निष्पाप समझा जाता है, इसलिए उनके लिए सामान्य कर्मकांड की आवश्यकता नहीं मानी जाती.

धार्मिक मान्यता और बाल मृत्यु

शास्त्रों के अनुसार, 7 वर्ष तक के बच्चे “अपराध रहित” होते हैं. वे अभी संसारिक पाप-पुण्य के बंधन में पूरी तरह नहीं जुड़े होते, इसलिए उनके निधन पर श्राद्ध, पिंडदान, तेरहवीं आदि जैसे कर्मकांड नहीं किए जाते. उन्हें सीधा मोक्ष प्राप्त होता है.

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अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

  • 7 वर्ष तक के बच्चों को आमतौर पर जल समाधि या भूमि समाधि दी जाती है.
  • 8 से 18 वर्ष तक के किशोरों का दाह संस्कार किया जाता है, लेकिन विधियां सरल और सीमित होती हैं. पूरी धार्मिक प्रक्रियाएं नहीं की जातीं.

मुखाग्नि कौन देता है?

वयस्कों की तरह यहाँ भी मुखाग्नि परिवार का कोई पुरुष सदस्य देता है. आमतौर पर पिता, बड़ा भाई या चाचा यह कार्य करते हैं. यदि बालक बहुत छोटा हो, तो कई बार यह कार्य पंडित या परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य को सौंपा जाता है.

पिंडदान और तेरहवीं क्यों नहीं होती?

चूंकि बच्चों को पितृलोक का अधिकारी नहीं माना जाता, इसलिए उनके लिए श्राद्ध, पिंडदान, तेरहवीं जैसी परंपराएं नहीं निभाई जातीं. यह माना जाता है कि ऐसी आत्माएं बिना किसी कर्म फल के सीधे ईश्वर में लीन हो जाती हैं.

पूजन और संस्कार की विधि

  • शव को गंगाजल से स्नान कराया जाता है.
  • चंदन, फूल, दूध, शहद से पूजन कर अंतिम दर्शन किए जाते हैं.
  • शांति पाठ और मंत्र जाप के माध्यम से आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना होती है.
  • कुछ परंपराओं में बालक को बाल गोपाल या कृष्ण रूप मानकर पूजन किया जाता है.

छोटे बच्चों का अंतिम संस्कार सरल, भावपूर्ण और कम कर्मकांड युक्त होता है. यह प्रक्रिया धर्म, परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों पर आधारित होती है, जिसका उद्देश्य मासूम आत्मा को सम्मानपूर्वक विदाई देना होता है. यह श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है, न कि केवल धार्मिक अनुष्ठान.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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