Gayatri Jayanti 2025: जून महीने में इस दिन है गायत्री जयंती, जानिए किन मंत्रों का करें जाप

Edited by Shaurya Punj
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Gayatri Jayanti 2025

Gayatri Jayanti 2025: जून में मनाई जाने वाली गायत्री जयंती आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्र विचारों का उत्सव है. इस दिन मां गायत्री की पूजा और मंत्र जप का विशेष महत्व होता है. चलिए जानते हैं, इस शुभ अवसर पर कौन से मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना जाता है.

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Gayatri Jayanti 2025: गायत्री जयंती हर वर्ष ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है. यह पावन दिन मां गायत्री को समर्पित होता है, जिनका इसी दिन प्राकट्य माना गया है. गायत्री माता को वेदों की जननी – वेदमाता कहा जाता है, क्योंकि ऐसा विश्वास है कि चारों वेद, शास्त्र और श्रुतियाँ उन्हीं से उत्पन्न हुई हैं. उन्हें देवमाता के रूप में भी पूजा जाता है.

गायत्री जयंती के अवसर पर माता के विशेष पूजन, हवन और गायत्री मंत्र का जप करने से आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है. इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और विधिवत पूजा कर पुण्य अर्जित करते हैं. आइए जानें कि इस वर्ष गायत्री जयंती कब मनाई जाएगी और इस दिन किन मंत्रों का जाप करना चाहिए.

कब है गायत्री जयंती? जानिए सही तारीख और पूजन का पूरा तरीका

कब है गायत्री जयंती

वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 6 जून को देर रात 2 बजकर 15 मिनट पर होगी और इसका समापन 7 जून को सुबह 4 बजकर 47 मिनट पर होगा. सनातन परंपरा में उदया तिथि को प्रमुख माना जाता है, इसी कारण इस वर्ष गायत्री जयंती 6 जून को श्रद्धा और विधिपूर्वक मनाई जाएगी.

गायत्री जयंती के दिन गायत्री मंत्र का करें जप

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्.

इस मंत्र का अर्थ है

हम उस जीवनदायक, दुःखों का नाश करने वाले और परम आनंद स्वरूप ईश्वर का ध्यान करते हैं, जिसने इस सम्पूर्ण सृष्टि की रचना की है और जो पूज्यनीय एवं प्रकाशस्वरूप है. वह परम देव हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें और हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाएं.

गायत्री जयंती पर करें ये सरल और प्रभावी उपाय

यदि आप गायत्री जयंती के दिन मंत्र जप करने में असमर्थ हैं, तो केवल श्रद्धा भाव से मां गायत्री की पूजा करें. पूजा के बाद गायत्री चालीसा का पाठ अवश्य करें, जिसमें मां की महिमा और उपासना का सुंदर वर्णन मिलता है. चालीसा का पाठ पूर्ण होने पर घी का दीपक जलाकर मां गायत्री की आरती करें. आरती करने से पूजा में हुई त्रुटियां समाप्त हो जाती हैं और मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है. ऐसा करने से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है.

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Shaurya Punj

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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