ePaper

अप्रैल में कब हैं एकादशी व्रत? जानिए सही तिथि, मुहूर्त और व्रत विधि

Updated at : 31 Mar 2025 4:20 PM (IST)
विज्ञापन
Ekadashi in April 2025

Ekadashi in April 2025

Ekadashi in April 2025: हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है. प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर यह व्रत किया जाता है. अप्रैल का महीना जल्द ही आने वाला है. आइए, जानते हैं कि अप्रैल में एकादशी व्रत कब-कब आयोजित किया जाएगा.

विज्ञापन

Ekadashi in April 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यधिक महत्व है. यह व्रत प्रत्येक महीने दो बार मनाया जाता है, एक बार शुक्ल पक्ष (चंद्रमा के बढ़ते चरण) में और दूसरी बार कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) में. “एकादशी” का अर्थ है “ग्यारहवां दिन” और इसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाता है. इस दिन व्रत के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा और माता लक्ष्मी की आराधना की जाती है. यदि आप अप्रैल 2025 में एकादशी व्रत करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां आपको इसकी संपूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है.

अप्रैल 2025 में एकादशी व्रत की तिथियां

  • कामदा एकादशी – चैत माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जो 8 अप्रैल 2025 को पड़ेगी.
  • वरूथिनी एकादशी – वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी, जो 24 अप्रैल 2025 को पड़ेगी.

कामदा एकादशी 2025 – तिथि और शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि शुरू: 7 अप्रैल 2025, रात 8:00 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 8 अप्रैल 2025, रात 9:12 बजे
  • व्रत रखने का सही दिन: 8 अप्रैल 2025

कामदा एकादशी व्रत पारण (व्रत खोलने का समय)

9 अप्रैल 2025, सुबह 6:02 बजे से 8:34 बजे तक व्रत पारण के बाद दान-पुण्य करने की परंपरा है.

नवरात्रि 2025 में मंगल का कर्क राशि में प्रवेश, जानें आपकी राशि पर प्रभाव

वरूथिनी एकादशी 2025 – तिथि और शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि शुरू: 23 अप्रैल 2025, शाम 4:43 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 24 अप्रैल 2025, दोपहर 2:32 बजे
  • व्रत रखने का सही दिन: 24 अप्रैल 2025

वरूथिनी एकादशी व्रत पारण (व्रत खोलने का समय)

  • 25 अप्रैल 2025, सुबह 5:46 बजे से 8:23 बजे तक
  • इस दिन जरूरतमंदों को दान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है.

एकादशी व्रत के लाभ और महत्त्व

  • एकादशी का व्रत करने से मन में शांति और सकारात्मकता का संचार होता है.
  • भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ समाप्त होती हैं.
  • व्रत के दिन सात्विक आहार लेने और दान-पुण्य करने से पुण्य का फल प्राप्त होता है.

यदि आप आध्यात्मिक विकास की आकांक्षा रखते हैं और अपने जीवन में शांति तथा समृद्धि लाना चाहते हैं, तो एकादशी का व्रत अवश्य करें.जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola