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Durga Ashtami 2024 Date: दुर्गाअष्टमी के डेट को लेकर ना हों कंफ्यूज, यहां देखें सही डेट

Updated at : 07 Oct 2024 8:54 AM (IST)
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Durga Ashtami 2024 Date

Durga Ashtami 2024 Date

Durga Ashtami 2024 Date: दुर्गा अष्टमी के दिन माता के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा की जाती है. इस साल अष्टमी तिथि को लेकर कंफ्यूजन है, यहां देखें सही तिथि

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Durga Ashtami 2024 Date: अश्विन माह में मनाया जाने वाला दुर्गा पूजा एक बहुप्रतीक्षित हिंदू त्योहार है, खास तौर पर बंगालियों के लिए.यह पवित्र त्योहार बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है, जिसमें देवी दुर्गा ने भैंस राक्षस महिषासुर को हराया था. इस वर्ष दुर्गाष्टमी व्रत की तिथि को लेकर लोगों के मन में उलझन की स्थिति है. आइए जानते हैं, दुर्गा अष्टमी व्रत की तिथि और पूजा मुहूर्त

महा दुर्गाष्टमी व्रत 2024 की तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 10 अक्टूबर को दोपहर 12:35 बजे होगा और इसका समापन 11 अक्टूबर को दोपहर 12:05 बजे होगा. इस वर्ष सप्तमी व्रत 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जबकि सप्तमी और अष्टमी व्रत एक साथ नहीं रखे जाते हैं. अतः दुर्गाष्टमी व्रत 11 अक्टूबर 2014, शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा, और इसी दिन महानवमी व्रत का भी पालन किया जाएगा.

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दुर्गा अष्टमी मुहूर्त 2024

चर – सामान्य – 06:20 am से 07:47 am
लाभ – उन्नति – 07:47 am से 09:14 am
अमृत – सर्वोत्तम – 09:14 am से 10:41 amवार वेला
शुभ – उत्तम – 12:08 pm से 01:34 pm
चर – सामान्य – 04:28 pm से 05:55 pm

देवी महागौरी का रूप

माता दुर्गा के 9 स्वरूपों में अष्टमी के दिन पूजी जाने वाली देवी महागौरी हैं. महागौरी माता पार्वती का एक दिव्य रूप मानी जाती हैं. उनके नाम से ही स्पष्ट है कि उनका रंग पूरी तरह से गौर है. उनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से की गई है. भवेद् गौरी के अनुसार, उनकी आयु आठ वर्ष मानी जाती है. उनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद रंग के होते हैं, इसलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा के नाम से भी जाना जाता है। महागौरी के चार भुजाएं हैं और उनका वाहन वृषभ है, इसीलिए उन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है. उनके दाहिने हाथ में अभय मुद्रा है, जबकि नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है. ऊपर वाले बाएँ हाथ में डमरू है और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा धारण की गई है.

श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया॥

या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

दुर्गा अष्टमी महागौरी का मंत्र:- ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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