Durga Ashtami 2024 Date: दुर्गाअष्टमी के डेट को लेकर ना हों कंफ्यूज, यहां देखें सही डेट

Durga Ashtami 2024 Date
Durga Ashtami 2024 Date: दुर्गा अष्टमी के दिन माता के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा की जाती है. इस साल अष्टमी तिथि को लेकर कंफ्यूजन है, यहां देखें सही तिथि
Durga Ashtami 2024 Date: अश्विन माह में मनाया जाने वाला दुर्गा पूजा एक बहुप्रतीक्षित हिंदू त्योहार है, खास तौर पर बंगालियों के लिए.यह पवित्र त्योहार बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है, जिसमें देवी दुर्गा ने भैंस राक्षस महिषासुर को हराया था. इस वर्ष दुर्गाष्टमी व्रत की तिथि को लेकर लोगों के मन में उलझन की स्थिति है. आइए जानते हैं, दुर्गा अष्टमी व्रत की तिथि और पूजा मुहूर्त
महा दुर्गाष्टमी व्रत 2024 की तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 10 अक्टूबर को दोपहर 12:35 बजे होगा और इसका समापन 11 अक्टूबर को दोपहर 12:05 बजे होगा. इस वर्ष सप्तमी व्रत 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जबकि सप्तमी और अष्टमी व्रत एक साथ नहीं रखे जाते हैं. अतः दुर्गाष्टमी व्रत 11 अक्टूबर 2014, शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा, और इसी दिन महानवमी व्रत का भी पालन किया जाएगा.
Navratri 2024 5th Day Maa Skandmata Katha: नवरात्रि का 5वां दिन आज, देखें मां स्कंदमाता की कथा
दुर्गा अष्टमी मुहूर्त 2024
चर – सामान्य – 06:20 am से 07:47 am
लाभ – उन्नति – 07:47 am से 09:14 am
अमृत – सर्वोत्तम – 09:14 am से 10:41 amवार वेला
शुभ – उत्तम – 12:08 pm से 01:34 pm
चर – सामान्य – 04:28 pm से 05:55 pm
देवी महागौरी का रूप
माता दुर्गा के 9 स्वरूपों में अष्टमी के दिन पूजी जाने वाली देवी महागौरी हैं. महागौरी माता पार्वती का एक दिव्य रूप मानी जाती हैं. उनके नाम से ही स्पष्ट है कि उनका रंग पूरी तरह से गौर है. उनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से की गई है. भवेद् गौरी के अनुसार, उनकी आयु आठ वर्ष मानी जाती है. उनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद रंग के होते हैं, इसलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा के नाम से भी जाना जाता है। महागौरी के चार भुजाएं हैं और उनका वाहन वृषभ है, इसीलिए उन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है. उनके दाहिने हाथ में अभय मुद्रा है, जबकि नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है. ऊपर वाले बाएँ हाथ में डमरू है और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा धारण की गई है.
श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया॥
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
दुर्गा अष्टमी महागौरी का मंत्र:- ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By शौर्य पुंज
मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










