जून में कब लगेगा मृत्यु पंचक? जानें तिथि, समय और जरूरी सावधानियां

Published by : Neha Kumari Updated At : 31 May 2026 8:19 AM

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मृत्यु पंचक

Mrityu Panchak June 2026: जून 2026 में मृत्यु पंचक 6 जून से 11 जून तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में इस अवधि को संवेदनशील माना गया है. पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है. आइए विस्तार से समझते हैं कि मृत्यु पंचक क्यों लगता है और इस दौरान सावधानियां बरतना क्यों आवश्यक माना जाता है.

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Mrityu Panchak June 2026: सनातन धर्म में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त और पंचांग देखने की परंपरा है. ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे समय भी बताए गए हैं, जिनमें शुभ कार्य करने की मनाही होती है. ऐसा ही एक समय ‘पंचक’ कहलाता है. जून 2026 में लगने वाला पंचक विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस बार ‘मृत्यु पंचक’ का योग बन रहा है.

ज्योतिष शास्त्र में क्या होता है पंचक?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब चंद्रमा गोचर करते हुए लगातार पांच नक्षत्रों—धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती—से होकर गुजरता है, तब उस अवधि को ‘पंचक’ कहा जाता है. यह काल लगभग पांच दिनों का होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान किए गए कुछ कार्यों के अशुभ परिणाम मिल सकते हैं, इसलिए इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

जून 2026 में पंचक का समय

इस बार पंचक की शुरुआत शनिवार को हो रही है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को ‘मृत्यु पंचक’ कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं में इसे अपेक्षाकृत कष्टकारी माना गया है, इसलिए इस दौरान जोखिम भरे कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.

  • पंचक प्रारंभ: 6 जून 2026, शनिवार, शाम 7:03 बजे से
  • पंचक समाप्त: 11 जून 2026, गुरुवार, सुबह 8:16 बजे तक

पंचक के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?

लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना

पंचक के दौरान घर में लकड़ी, घास-फूस या किसी भी प्रकार का ईंधन एकत्र नहीं करना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना अशुभ माना जाता है.

चारपाई या बेड बनवाना

इन दिनों में नई चारपाई (खटिया) या बेड बनवाना, खरीदना, जोड़ना अथवा खोलना शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है.

घर की छत डलवाना

पंचक काल में घर का निर्माण कार्य, विशेषकर छत या लेंटर डलवाने का काम टाल देना चाहिए.

दक्षिण दिशा की यात्रा

ज्योतिष शास्त्र में दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है. इसलिए पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है.

शुभ एवं मांगलिक कार्य

इस अवधि में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या अन्य बड़े मांगलिक कार्य योग्य पंडित की सलाह और उचित मुहूर्त के बिना नहीं करने चाहिए.

अशुभ प्रभावों से बचने के उपाय

यदि पंचक के दौरान कोई आवश्यक कार्य करना पड़े या अनजाने में कोई भूल हो जाए, तो उसके संभावित नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए कुछ धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं.

भगवान शिव की आराधना करें

मृत्यु पंचक के दौरान भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें और महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें. ऐसा करना शुभ माना जाता है.

भगवान विष्णु की पूजा करें

पंचक काल में भगवान विष्णु की आराधना तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है.

दान-पुण्य करें

इस अवधि में गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, जल, वस्त्र अथवा अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है तथा अशुभ प्रभावों में कमी आने की मान्यता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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