बगलामुखी जयंती आज, 12 वर्षों बाद बन रहा है ये शुभ योग

Published by :Shaurya Punj
Published at :24 Apr 2026 7:13 AM (IST)
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Baglamukhi Jayanti 2026

बगलामुखी जयंती 2026

Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती आज 24 अप्रैल 2026 को मनाई जा रही है. जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और विशेष योग, जिससे शत्रु नाश, आरोग्य और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

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Baglamukhi Jayanti 2026: हिंदू धर्म में बगलामुखी जयंती का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है. यह पावन दिन हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, क्योंकि इसी तिथि पर मां बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था. इस दिन श्रद्धालु माता की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें प्रिय भोग अर्पित करते हैं. मान्यता है कि मां बगलामुखी की उपासना से व्यक्ति को शत्रुओं से मुक्ति, भय का नाश और आरोग्य की प्राप्ति होती है.

बगलामुखी जयंती का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार इस वर्ष अष्टमी तिथि 23 अप्रैल 2026 को रात 08:49 बजे से प्रारंभ हो चुकी है और 24 अप्रैल 2026 को शाम 07:21 बजे तक रहेगी. उदयातिथि 24 अप्रैल को पड़ने के कारण बगलामुखी जयंती इसी दिन मनाई जा रही है.

इन शुभ मुहूर्तों में पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. भक्त इस समय में माता की आराधना कर विशेष पुण्य प्राप्त कर सकते हैं.

विशेष योग का संयोग

ज्योतिषाचार्य पंडित कमलेश पांडे के अनुसार इस वर्ष लगभग 12 वर्षों बाद अष्टमी तिथि पर सिद्धि और शुभ योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. यह समय तांत्रिक साधना, वाणी सिद्धि और शत्रु नाशक पूजा के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है.

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बगलामुखी मां की पूजा विधि और विशेषता

मां बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है. पूजा में पीले फूल, हल्दी, चने की दाल और पीले भोग अर्पित किए जाते हैं. साधक मंत्र जाप और हवन के माध्यम से देवी को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं. विशेष रूप से तांत्रिक साधना के लिए यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

बगलामुखी जयंती का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां बगलामुखी  की पूजा से जीवन की नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और बुरी नजर का प्रभाव समाप्त होता है. साथ ही, व्यक्ति को मानसिक शांति, साहस और स्थिरता प्राप्त होती है. इस दिन किए गए पूजा-पाठ और हवन से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भक्तों पर माता की विशेष कृपा बनी रहती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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