बगलामुखी जयंती 2026 पर इन शक्तिशाली मंत्रों से पाएं शत्रुओं पर विजय

Published by :Shaurya Punj
Published at :23 Apr 2026 7:55 PM (IST)
विज्ञापन
Baglamukhi Jayanti 2026 Mantra

बगलामुखी जयंती पर मंत्र जाप

Baglamukhi Jayanti 2026 Mantra: बगलामुखी जयंती पर मां के मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है. इससे शत्रुनाश, भय से मुक्ति और जीवन की बाधाएं दूर होकर सफलता प्राप्त होती है.

विज्ञापन

Baglamukhi Jayanti 2026 Mantra: हिंदू धर्म में वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी की जयंती बड़े श्रद्धाभाव से मनाई जाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 24 अप्रैल, शुक्रवार को पड़ रहा है. मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माना जाता है और उन्हें “पीताम्बरा देवी” भी कहा जाता है. वे स्तम्भन शक्ति की अधिष्ठात्री हैं, जो शत्रुओं की नकारात्मक ऊर्जा को रोकने की क्षमता रखती हैं. उनकी आराधना से जीवन के संकट दूर होते हैं और विजय प्राप्त होती है.

मां बगलामुखी के मंत्रों का महत्व

शास्त्रों, विशेषकर अग्नि पुराण में बगलामुखी को सिद्ध विद्या कहा गया है. उनके मंत्रों का जाप अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. प्रमुख मंत्र इस प्रकार हैं—

“ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं ॐ नमः”
“ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा”

इन मंत्रों के नियमित जप से शत्रुओं पर नियंत्रण, वाकसिद्धि और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है.

मां बगलामुखी की पूजा विधि और साधना

बगलामुखी जयंती के दिन पूजा विशेष विधि से करनी चाहिए. मां को पीले वस्त्र पहनाकर पीले आसन पर स्थापित करें. हल्दी के ढेर पर दीप जलाएं और हल्दी या पीले कांच की माला से मंत्र जाप करें. पूजा का श्रेष्ठ समय संध्याकाल या मध्यरात्रि माना गया है. पीले फल, पीले फूल और नैवेद्य अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है.

मां बगलामुखी की पूजा के नियम और सावधानियां

मां बगलामुखी की पूजा तांत्रिक साधना से जुड़ी होती है, इसलिए इसे बिना गुरु के मार्गदर्शन के नहीं करना चाहिए. पूजा कभी भी किसी के अहित या नाश के उद्देश्य से नहीं करनी चाहिए. साधना में शुद्धता, संयम और सकारात्मक भाव आवश्यक है. मंत्र जाप के लिए हल्दी की माला का उपयोग करना श्रेष्ठ माना गया है.

ये भी पढ़ें: बगलामुखी जयंती 2026 पर इस खास उपाय से पाएं शत्रुओं पर विजय

मां बगलामुखी पूजा के आध्यात्मिक लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  मां बगलामुखी की साधना से भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है. यह साधना जादू-टोना और अकाल मृत्यु के भय को भी दूर करने में सहायक मानी जाती है. सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा व्यक्ति को आत्मबल, सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करती है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola