सावन सोमवारी व्रत के पारण में न करें ये गलतियां, जानें सही नियम और विधि

सावन
सावन के सोमवार का व्रत रखने के बाद पारण का विशेष महत्व होता है। सही विधि और नियमों का पालन न करने पर व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता। जानें पारण के सही तरीके और किन गलतियों से बचना चाहिए।
Sawan Somwar Vrat Paran Rules 2026: आज 3 जुलाई, सोमवार को सावन का पहला सोमवार है. आज के दिन श्रद्धालु विशेष भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चणा करते है और व्रत रखते है. धार्मिक मान्याता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से साधक को मनचाहा वर, सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कहते है इस व्रत का जितना महत्व होता है, उतना ही महत्वपूर्ण उसका पारण भी होता है. यदि पारण सही विधि और नियमों के अनुसार न किया जाए तो व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता. ऐसे में आइए जानते हैं कि सावन सोमवारी व्रत का पारण कब और कैसे करना चाहिए तथा किन गलतियों से बचना चाहिए.

क्या होता है व्रत का पारण?
पारण का अर्थ है व्रत का विधिपूर्वक समापन करना. पूरे दिन उपवास और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद अगले दिन या व्रत की मान्य परंपरा के अनुसार उचित समय पर भोजन ग्रहण करके व्रत का पारण किया जाता है. पारण से पहले भगवान शिव का स्मरण कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है.
सावन सोमवारी व्रत का पारण कैसे करें?
- व्रत के अगले दिन सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
- भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें.
- शिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करें.
- भगवान को बेलपत्र, धतूरा, आक का फूल और मौसमी फल अर्पित करें.
- शिव मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
- पूजा के बाद भगवान को भोग लगाएं और प्रसाद ग्रहण करें.
- इसके बाद सात्विक भोजन से व्रत का पारण करें.
पारण में न करें ये गलतियां
1. बिना पूजा किए व्रत न खोलें
पारण से पहले भगवान शिव की पूजा और आरती अवश्य करें. बिना पूजा किए भोजन करना उचित नहीं माना जाता.
2. तामसिक भोजन से करें परहेज
व्रत खोलते समय प्याज, लहसुन, मांसाहार, शराब या अन्य तामसिक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए. सात्विक भोजन ही ग्रहण करें.
3. अधिक तला-भुना भोजन न करें
पूरे दिन उपवास के बाद एकदम भारी या अधिक तला-भुना भोजन करने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. हल्का और सुपाच्य भोजन करना बेहतर माना जाता है.
4. क्रोध और विवाद से बचें
व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि मन और व्यवहार की शुद्धता का भी प्रतीक है. इसलिए पारण के दिन भी क्रोध, कटु वचन और विवाद से बचना चाहिए.
पारण में क्या खाएं?
पारण के समय फल, दूध, दही, खीर, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से बने व्यंजन, मूंग की खिचड़ी, सादा भोजन या अन्य सात्विक आहार ग्रहण किया जा सकता है. भोजन से पहले भगवान शिव का प्रसाद अवश्य लें.
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लेखक के बारे में
By नेहा कुमारी
नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.
डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.
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