Ganesh Visarjan 2026: कब और कैसे करें गणपति बप्पा विसर्जन? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि
विसर्जन के लिए गणपति बप्पा की प्रतिमा लेकर जाते हुए भक्तों की सांकेतिक तस्वीर (एआई)
अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन किया जाएगा. अगर आपके घर में भी गणपति विराजमान हैं, तो जानें गणपति विसर्जन किस दिन और किस समय करना चाहिए.
Ganesh Visarjan 2026: 14 सितंबर से शुरू हुआ दस दिवसीय गणेश उत्सव अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. गणेश चतुर्थी से इस पावन पर्व की शुरुआत होती है और अनंत चतुर्दशी के साथ इसका समापन होता है. इस दौरान भक्त घरों और पंडालों में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान गणेश की आराधना करता है, उसके जीवन के दुख-दर्द और बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि आती है.
कब होगा गणपति विसर्जन?

दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ होता है. साल 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को है.
अनंत चतुर्दशी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
- अनंत चतुर्दशी: 25 सितंबर 2026, शुक्रवार
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 24 सितंबर, रात 11:18 बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्त: 25 सितंबर, रात 11:06 बजे
- पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 5:38 बजे से रात 11:06 बजे तक
- पूजा की अवधि: 17 घंटे 28 मिनट
गणेश विसर्जन से पहले उत्तर पूजा क्यों की जाती है?
उत्तर पूजा भगवान गणेश की विसर्जन से पहले की जाने वाली अंतिम पूजा होती है. दस दिनों तक गणपति बप्पा की पूजा, आरती और भोग लगाने के बाद विसर्जन से पहले उत्तर पूजा की जाती है. इसे बप्पा को श्रद्धा और सम्मान के साथ विदाई देने की शुरुआत माना जाता है. उत्तर पूजा के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को उनके स्थान से थोड़ा आगे खिसकाया जाता है. इसके बाद उन्हें विसर्जन के लिए ले जाया जाता है.
उत्तर पूजा की विधि

उत्तर पूजा में सबसे पहले भगवान गणेश का पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक करें. इसके बाद चंदन, अक्षत, फूल, दूर्वा और सिंदूर अर्पित करें. भगवान के सामने धूप-दीप जलाएं. इसके बाद मोदक, फल या अन्य प्रसाद का भोग लगाएं. भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें. दीपक या कपूर जलाकर आरती करें. यदि गणपति स्थापना के समय मां गौरी और कलश की स्थापना की गई है, तो उत्तर पूजा के दौरान उनका भी पूजन करें. पूजा के अंत में भगवान गणेश से पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा-प्रार्थना करें.
गणपति विसर्जन की विधि

उत्तर पूजा और आरती के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाएं. विसर्जन से पहले एक बार फिर गणपति बप्पा की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन करें. प्रतिमा से फूल-माला और ऐसी सजावटी सामग्री पहले ही अलग कर दें, जिन्हें पानी में विसर्जित नहीं किया जाना चाहिए. विसर्जन के दौरान गणपति बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए उन्हें विदाई दी जाती है.
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