कला, संस्कृति और आस्था का संगम, ‘वैदेही’ का अनूठा मंच, 25 अप्रैल से शुरू हो रहा है आयोजन

वैदेही फेस्टिवल 2026
Vaidehi festival 2026: “वैदेही” कार्यक्रम 25 अप्रैल से जानकी नवमी पर शुरू होगा, जहां सीता के आदर्श, कला और आधुनिक सोच के संगम से भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति पर संवाद प्रस्तुत किया जाएगा.
Vaidehi festival 2026: भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक सोच के बीच संतुलन स्थापित करने का एक अनूठा प्रयास “वैदेही” कार्यक्रम के रूप में सामने आया है. यह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक जीवंत विचारधारा है, जो यह समझने की कोशिश करती है कि आधुनिकता ने भारतीय मूल्यों और आदर्शों को किस प्रकार प्रभावित किया है. मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल और सीएसटीएस के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में 14 राज्यों और 7 देशों की सहभागिता इसे वैश्विक पहचान प्रदान करती है. इस वर्ष इसका आयोजन 25 अप्रैल को जानकी नवमी के शुभ अवसर पर शुरू हो रहा है.
हिंदू परंपरा से जुड़ी “वैदेही” की अवधारणा
“वैदेही” शब्द का सीधा संबंध माता सीता से है, जिन्हें हिंदू धर्म में आदर्श नारी के रूप में पूजनीय माना जाता है. रामायण में वर्णित सीता का जीवन त्याग, धैर्य, साहस और मर्यादा का प्रतीक है. इसी कारण यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन जाता है. जानकी नवमी, जो माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, उसी दिन इस कार्यक्रम की शुरुआत इसे धार्मिक भावनाओं से गहराई से जोड़ती है.
सीता: एक जीवंत विचार, केवल पौराणिक पात्र नहीं
कार्यक्रम की आयोजक डॉ. सविता झा के अनुसार, “वैदेही” में सीता को केवल एक पौराणिक पात्र के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि एक जीवंत विचार के रूप में प्रस्तुत किया जाता है. उनका संघर्ष और सरोकार भौगोलिक सीमाओं से परे है. हर युग की नारी उनके जीवन से प्रेरणा ले सकती है. यही कारण है कि इस आयोजन में विभिन्न राज्यों और देशों के कलाकार भाग लेते हैं और अपने-अपने दृष्टिकोण से सीता को अभिव्यक्त करते हैं.
कला और अभिव्यक्ति का अनूठा संगम
“वैदेही” कार्यक्रम में मिथिला पेंटिंग के साथ-साथ अन्य भारतीय चित्रकला शैलियों में भी सीता के जीवन और भावनाओं को प्रस्तुत किया जाता है. यह प्रयोग कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति को नए आयाम देता है. कलाकार चाहे महिला हों या पुरुष, सभी सीता के चरित्र से गहराई से जुड़ते हैं और अपनी संवेदनाओं को रचनात्मक रूप में व्यक्त करते हैं.
कोविड-19 के बाद सांस्कृतिक पुनर्निर्माण का माध्यम
इस कार्यक्रम की अवधारणा कोविड-19 महामारी के बाद विकसित हुई, जब समाज भावनात्मक और मानसिक रूप से संघर्ष कर रहा था. ऐसे समय में “वैदेही” एक सांस्कृतिक मरहम बनकर उभरा, जिसने कला, संवाद और आत्ममंथन के जरिए लोगों को संबल प्रदान किया. यह एक प्रकार की ‘कैथार्सिस’ प्रक्रिया बन गया, जहां लोग अपने भीतर के भावों को समझ और व्यक्त कर सके.
बदलते समय में आदर्शों की प्रासंगिकता
आज की युवा पीढ़ी के लिए यह जरूरी नहीं कि वे सीता जैसे जीवन को अपनाएं, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि वे उनके अनुभवों और संघर्षों से जुड़ाव महसूस करें. “वैदेही” इसी संवाद को आगे बढ़ाता है, जहां आदर्श समय के साथ बदलते हुए भी अपनी मूल भावना को बनाए रखते हैं.
सामूहिक सांस्कृतिक चेतना का उत्सव
“वैदेही” कार्यक्रम न केवल भारतीय संस्कृति को अभिव्यक्त करता है, बल्कि सामूहिक सांस्कृतिक स्वामित्व की भावना को भी मजबूत करता है. आयोजकों ने सभी कला प्रेमियों और आम नागरिकों से इसमें भाग लेने की अपील की है, ताकि यह आयोजन एक व्यापक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले सके.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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