बुध पुष्य योग में शुरू होगी गुप्त नवरात्रि, साधना के लिए बेहद शुभ समय

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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में दुर्लभ संयोग

Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 का शुभारंभ 15 जुलाई, बुधवार से होने जा रहा है. इस बार गुप्त नवरात्रि का आरंभ दुर्लभ गजकेसरी योग और बुध पुष्य योग में हो रहा है, जिससे इसका आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व कई गुना बढ़ गया है. जानिए आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 का महत्व, शुभ योग और साधना से जुड़े विशेष धार्मिक पक्ष.

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Ashadha Gupt Navratri 2026: सनातन धर्म में वर्षभर चार नवरात्रियों का विशेष महत्व बताया गया है. इनमें आषाढ़ और माघ मास की गुप्त नवरात्रि को साधना, मंत्र सिद्धि और देवी उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. वर्ष 2026 में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ 15 जुलाई, बुधवार से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ होगा. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ-साथ दस महाविद्याओं की विशेष पूजा-अर्चना और साधना की जाती है.

दुर्लभ योगों का संयोग: बढ़ेगा साधना का महत्व

इस बार की गुप्त नवरात्रि कई ज्योतिषीय दृष्टियों से बेहद खास मानी जा रही है. नवरात्रि का आरंभ गजकेसरी योग और बुध पुष्य योग जैसे दुर्लभ शुभ संयोगों में होगा. 15 जुलाई को पुष्य नक्षत्र रहेगा तथा कर्क राशि में चंद्रमा और गुरु की युति से गजकेसरी योग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु का किसी राशि में पुनः आगमन लगभग 12 वर्षों बाद होता है, इसलिए यह योग अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है. मान्यता है कि इस दौरान किए गए जप, तप और धार्मिक अनुष्ठानों का फल कई गुना बढ़ जाता है.

सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग का मिलेगा लाभ

गुप्त नवरात्रि के दौरान दो सर्वार्थ सिद्धि योग और तीन रवि योग का भी निर्माण होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये योग नए कार्यों की शुरुआत, व्यापार विस्तार, बैंकिंग, निवेश, टेक्नोलॉजी से जुड़े कार्यों और कार्यालय परिवर्तन के लिए शुभ माने जाते हैं. ऐसे में यह समय महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माना जा सकता है.

साधना और महाविद्या उपासना का विशेष महत्व

श्रीमद्देवीभागवत महापुराण के अनुसार वर्ष में दो प्रकट और दो गुप्त नवरात्रियां आती हैं. जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाई जाती हैं, वहीं गुप्त नवरात्रि साधना और आंतरिक आध्यात्मिक उन्नति का पर्व मानी जाती है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की आराधना करने से मानसिक शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होने की मान्यता है. श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई उपासना जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकती है.


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शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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