Gemology: जानें रत्न धारण करने से जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है, कैसे रत्न धारण करें

Published by : Shaurya Punj Updated At : 22 Sep 2023 5:59 PM

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Gemology: रत्न ग्रहों को शांति और मजबूती के लिए धारण किया जाता है लोगो की सोच यह बनता है सभी पत्थर रत्न ही होते है सबसे पहले इसे जानना जरुरी है पत्थर और रत्न में बहुत कुछ अंतर होता है ,रत्न एक प्रकार का पत्थर ही होते है लेकिन उसमे से हम छाटकर निकालते है.

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Gemology: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्न ग्रहों को शांति और मजबूती के लिए धारण किया जाता है लोगो की सोच यह बनता है सभी पत्थर रत्न  ही होते है सबसे पहले इसे जानना जरुरी है पत्थर और रत्न में बहुत कुछ अंतर होता है ,रत्न एक प्रकार का पत्थर ही होते है लेकिन उसमे से हम छाटकर निकालते है. उनका सिनाख्त कर के टेस्ट किया जाता है ऐसा करने के बाद उसका इस्तमाल दैनिक जीवन में उनका बेहतर उपयोग कर सकते है. अगर ऐसा नहीं करे तो बिना सोचे -समझे रत्न का इस्तेमाल करते है तो जीवन में कई तरह से उतार चढ़ाव बन जाता है जैसे जब तक कोई नवजात शिशु मां के गर्भ में रहता है तब तक वह ग्रहों की प्रत्यक्ष किरण के प्रभाव से मुक्त होता है लेकिन जैसे ही उसका चरण धरती पड़ पड़ता है वैसे ही सभी ग्रह की किरणों उसके निर्विकार शारीर पर छा जाता है ग्रहों की कमजोर किरण बालक को अधिक प्रभावित करता है उसका प्रभाव लम्बे समय तक रहता है. इसका विवरण बालक के जन्मकुंडली से मालूम  चल जाता है कौन सा ग्रह किस स्थान पर है उस ग्रह का किरण कितना मजबूत है इसी हिसाब से प्रत्येक ग्रहों का स्वामी का रत्न धारण करते है जिससे जीवन में अलौकिक शक्ति का समावेश  होता है जिसके कारण वयोक्ति के जीवन को स्वस्थ्य ,सुखमय और मन को प्रस्सन बनाये रखने की अपूर्व  क्षमता बढ़ जाती है.

शुभ रत्न  ,जीवन रत्न ,भाग्य रत्न ,यह क्या होता है

आम धारणा यह है कि जन्म कुंडली में त्रिकोण ग्रह सदेव बहुत हो शुभ होता है त्रिकोण के तीन भावों प्रथम, पंचम ,और नवम को महत्वपूर्ण माना जाता है प्रथम भाव लग्नेश के रत्न धारण  करने से स्वास्थ्य ठीक रहता है. पंचम भाव यानि पंचमेश का रत्न धारण करने से पुण्य रत्न होता है नवम भाव यानि नवमेश का रत्न धारण करने से भाग्य की उन्नति होता है उसे भाग्य रत्न कहा जाता है इन तीनों भाव में अगर कमजोर ग्रह है फिर भी उनका रत्न धारण किया जा सकता है इसके अतिरिक्त किसी अन्य भावेश की दशा चल रही हो जो निर्बल हो ,अनिष्टकारी है उस भावेश के राशि के ग्रह रत्न धारण कर सकते है आपको इस बात को ध्यान रखना चाहिए मारक ,बाधक, नीच या अशुभ ग्रह का रत्न कभी धारण नहीं करे. रत्न धारण वयोक्ति के आयु /वजन के अनुशार रत्न धारण करे छोटे बच्चे के लिए रत्न का अंगूठी नहीं बनाये उसके लिए गले में पेंडेंट धारण कराये तो बेहतर होता है रतन को धारण करने के पहले ज्योतिष से सलाह लेकर ही रत्न धारण करे बेहतर होगा.

किसका रत्न धारण करे राशि या लगन का  ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति अगर लगन कुंडली के अनुसार अगर रत्न धारण करे तो जीवन में भरपूर उन्नति होता है साथ में परिवार के साथ स्वास्थ्य भी ठीक रहता है जो आपके दैनिक जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है .

रत्न कैसे धारण करें

रत्न धारण करने से पहले यह जानकारी रखना जरुरी होता है रत्न पहनने के लिए शुभ दिन ,तिथि तथा पक्ष तथा नक्षत्र का होना जरुरी होता है .रतन धारण करने से पूर्व रत्न सम्बंधित ग्रह का  मन्त्र 108 बार जाप करे तथा ग्रह सम्बंधित वस्तुए दान करे तब रत्न आपके जीवन में बेहतर लाभ प्रदान कराएगा .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा  

ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ 

8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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