Happy Birthday Shibu Soren: क्या आप जानते हैं दिशोम गुरु शिबू सोरेन को कौन सी मिठाई है सबसे ज्यादा पसंद ?
Published by : Guru Swarup Mishra Updated At : 11 Jan 2023 6:30 AM
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ हेमंत सोरेन. फाइल फोटो
11 जनवरी 1944 को दिशोम गुरु शिबू सोरेन का नेमरा (तत्कालीन हजारीबाग व वर्तमान में रामगढ़ जिला) गांव में जन्म हुआ. इनके पिता का नाम सोबरन सोरेन था. सीएम हेमंत सोरेन इनके पुत्र हैं. शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा व सूदखोरी के खिलाफ लंबा संघर्ष किया. अलग झारखंड राज्य के लिए इन्होंने आंदोलन का नेतृत्व किया.
रांची, गुरुस्वरूप मिश्रा. झारखंड के पूर्व सीएम व दिशोम गुरु शिबू सोरेन (Shibu Soren Birthday) का आज बुधवार (11 जनवरी) को जन्मदिन है. वे 79 साल के हो गए. सीएम हेमंत सोरेन के पिता और गुरुजी के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन शुद्ध शाकाहारी हैं. नशापान से कोसों दूर. रांची की एक मिठाई इन्हें बेहद प्रिय है. नाम है कच्चा गुल्ला. यूं तो राजधानी में अब कई होटलों में ये मिलने लगा है, लेकिन लंबे समय से एक खास होटल का कच्चा गुल्ला इन्हें बेहद पसंद है.
कच्चा गुल्ला है बेहद पसंद
गुरुजी को कच्चा गुल्ला (kacha gola) बेहद पसंद है. वे इसे बड़े चाव से खाते हैं. हालांकि उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए अब कम ही इसे खाते हैं. बाजार में यूं तो कई मिठाइयां हैं, लेकिन कच्चा गुल्ला का स्वाद उन्हें काफी पसंद है. रांची में वैसे तो अब कई होटलों में कच्चा गुल्ला बनने लगे हैं, लेकिन उन्हें मां तारा स्वीट्स का कच्चा गुल्ला काफी पसंद है. वे लंबे समय से इसका कच्चा गुल्ला खाते रहे हैं.

गुरुजी के लिए कच्चा गुल्ला ले जाना नहीं भूलते
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय प्रवक्ता व रांची विश्वविद्यालय के मल्टी पर्पस हॉल के निदेशक अशोक कुमार सिंह कहते हैं कि गुरुजी उन्हें प्यार से अशोक बाबू कहते हैं. वे जब भी उनसे मिलने जाते हैं तो कच्चा गुल्ला ले जाना नहीं भूलते. हालांकि स्वास्थ्य को देखते हुए वे अब इसे कम ही खाते हैं. पिछले करीब दो दशक से उनका जब भी गुरुजी से मिलना होता है. वे उनके लिए बेहद प्रिय कच्चा गुल्ला ले जाते हैं. इसे वे चाव से खाते रहे हैं.
Also Read: EXCLUSIVE: झारखंड में सखी मंडल की दीदियां कर रहीं काले गेहूं की खेती, गंभीर बीमारियों में है ये रामबाण ?शुद्ध शाकाहारी हैं शिबू सोरेन
शिबू सोरेन शुद्ध शाकाहारी हैं. नशापान से कोसों दूर. वे हमेशा लोगों से अपील करते रहे हैं कि नशापान से दूर रहें. बच्चों की शिक्षा पर जोर दें.
Also Read: कोमालिका बारी : तीरंदाज बिटिया के लिए गरीब पिता ने बेच दिया था घर, अब ऐसे देश की शान बढ़ा रही गोल्डन गर्लगुरुजी के नाम से लोकप्रिय हैं शिबू सोरेन
11 जनवरी 1944 को दिशोम गुरु शिबू सोरेन का नेमरा (तत्कालीन हजारीबाग व वर्तमान में रामगढ़ जिला) गांव में जन्म हुआ. इनके पिता का नाम सोबरन सोरेन था. इनकी पत्नी रूपी सोरेन हैं. झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन इनके पुत्र हैं. शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा व सूदखोरी के खिलाफ लंबा संघर्ष किया और वर्षों जंगलों की खाक छानी. अलग झारखंड राज्य के लिए इन्होंने आंदोलन का नेतृत्व किया. झारखंड के सीएम समेत कई अहम पदों पर ये रहे. केंद्रीय कोयला मंत्री रहे. फिलहाल राज्यसभा के सदस्य हैं. दिशोम गुरु शिबू सोरेन गुरुजी के नाम से लोकप्रिय हैं.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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