Prabhat Khabar Explainer: झारखंड के किसानों के लिए कैसे वरदान साबित हो रहा किसान क्रेडिट कार्ड

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को खेती के लिए आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे जहां किसानों को खेती में सहायता मिल रही है वहीं उन्हें साहूकारों के चंगुल से भी मुक्ति मिल रही है. वर्तमान सरकार द्वारा 900 करोड़ रुपए से अधिक केसीसी स्वीकृत किये गये.
Prabhat Khabar Explainer: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से आच्छादित करने की प्रक्रिया चल रही है. इसी का नतीजा है कि 15 सितंबर 2022 तक 19,18,511 केसीसीधारक राज्य में हो गए हैं, जबकि सितंबर 2021 के बाद 5,34,331 नए केसीसी को स्वीकृति दी गई है. यह किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल्द सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. इसके तहत छुटे हुए किसानों को केसीसी का लाभ दिया जाएगा.
किसानों को साहूकारों के चंगुल से मिल रही मुक्ति
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को खेती के लिए आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे जहां किसानों को खेती में सहायता मिल रही है वहीं उन्हें साहूकारों के चंगुल से भी मुक्ति मिल रही है. यही वजह है कि राज्य गठन के बाद से दिसंबर 2019 तक मात्र 409 करोड़ रुपए किसानों के बीच वितरित किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार द्वारा 900 करोड़ रुपए से अधिक स्वीकृत किये गये.
केसीसी के लिए बढ़ते कदम
केसीसी के तहत जून 2021 में 420.74 करोड़, अगस्त 2021 में 581.53 करोड़, अक्टूबर 2021 में 685.16 करोड़, दिसंबर 2021 में 914.2 करोड़ एवं अप्रैल 2022 में 1313.36 करोड़ की राशि बैंक द्वारा स्वीकृत की गई है. अप्रैल 2022 में 17.76 लाख, सितंबर 2022 में 19.50 लाख किसानों को केसीसी प्रदान किया गया. दिसंबर 2022 तक 22.50 लाख एवं मार्च 2023 तक 25.50 लाख किसानों को केसीसी प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
क्या है केसीसी
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण किसानों को 7 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध होता है, जिसे समय सीमा के अंदर वापस करने पर 3 प्रतिशत ब्याज भारत सरकार द्वारा माफ किया जाता है. इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा यहां के किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज में मदद की जा रही है. इस प्रकार समय सीमा के अंदर किसान द्वारा ऋण वापस किये जाने पर किसान को मात्र 1 प्रतिशत ब्याज का बोझ पड़ता है. अबतक राज्य सरकार के प्रयास से 8,96,108 किसानों का केसीसी आवेदन पत्र पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर अभियान स्वरूप सृजित किया गया.
किसान भाई-बहन योजना का लाभ लें
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल्द सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. इसके तहत छुटे हुए किसानों को केसीसी का लाभ दिया जाएगा. फिलहाल घर- घर अभियान चलाकर एवं केसीसी शिविर लगाकर केसीसी से वंचित किसानों को आच्छादित करने की प्रक्रिया चल रही है. आपको बता दें कि 23 जून 2022 को राज्य के सभी प्रखंडों में मेगा किसान क्रेडिट कार्ड वितरण कैंप का आयोजन किया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित किया जा सके. इससे पहले भी 08 जून 2022 को राज्य के सभी जिलों में जिला स्तर मेगा किसान क्रेडिट कार्ड वितरण कैम्प का आयोजन किया गया था.
किसानों को दिया जा रहा केसीसी का लाभ
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की निदेशक निशा उरांव ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर युद्ध स्तर पर किसानों को केसीसी मुहैया कराया जा रहा है. कृषक मित्र, एटीएम, बीटीएम एवं वीएलडब्लू टोला-टोला घूम कर किसानों से केसीसी फॉर्म भरवा रहे हैं. फलस्वरूप वर्ष 2021 के बाद से अप्रत्याशित रूप से सबसे अधिक केसीसी आवेदन भरवाए गए हैं.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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