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झारखंड की 7 राजनीतिक दलों के खिलाफ एक्शन में चुनाव आयोग, जारी किया नोटिस

3 Oct, 2025 6:05 pm
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eci news ceo jharkhand in action against 7 parties

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार.

ECI News Today: झारखंड की 7 पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों का अस्तित्व खतरे में आ गया है. चुनाव आयोग के निर्देश पर इन 7 पार्टियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के रवि कुमार ने नोटिस जारी किया है. सभी दलों से कहा गया है कि वे 9 से 16 अक्टूबर के बीच दिन में 11 बजे सीईओ झारखंड के सामने अपना पक्ष रखें. अगर ऐसा नहीं करते हैं, तो मान लिया जायेगा कि ये पार्टियां अस्तित्व में नहीं हैं.

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ECI News Today: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ झारखंड) के रवि कुमार उन राजनीतिक दलों के खिलाफ एक्शन में हैं, जिन्होंने तीन साल से न तो अपनी ऑडिट रिपोर्ट दी है, न ही चुनाव खर्च का ब्योरा दिया है. भारत निर्वाचन आयोग ने ऐसी 7 पार्टियों को चिह्नित किया है. इसके आधार पर झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उन 7 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) को नोटिस जारी किया है.

रांची की 5 पार्टियों को भेजा गया नोटिस

निर्वाचन कार्यालय की ओर से जिन पार्टियों को नोटिस जारी किया गया है, उसमें 5 पार्टियां रांची की हैं. एक-एक पार्टी चतरा और पूर्वी सिंहभूम की हैं. रांची की झारखंड की क्रांतिकारी पार्टी, झारखंड पार्टी (सेक्युलर), लोक जन विकास मोर्चा, राष्ट्रीय देशज पार्टी और राष्ट्रीय संगाइल पार्टी को कारण बताओ नोटिस दिया गया है. वहीं, पूर्वी सिंहभूम की झारखंड पीपल्स पार्टी और चतरा की राष्ट्रीय जनक्रांति मोर्चा को नोटिस के जरिये सूचित किया गया है कि वे अपने अस्तित्व एवं कामकाज के संबंध में समय पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष शपथ पत्र एवं आवश्यक साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखें.

इन दलों को जारी किया गया है नोटिस

जिलापार्टी का नाम
रांचीझारखंड की क्रांतिकारी पार्टी
झारखंड पार्टी (सेक्युलर)
लोक जन विकास मोर्चा
राष्ट्रीय देशज पार्टी
राष्ट्रीय संगाइल पार्टी
पूर्वी सिंहभूमझारखंड पीपल्स पार्टी
चतराराष्ट्रीय जनक्रांति मोर्चा
Source : Chief Election Officer Jharkhand

ऑडिट रिपोर्ट या चुनावी खर्च का ब्योरा नहीं दे रही पार्टियां

नोटिस में स्पष्ट है कि अगर समय सीमा के भीतर राजनीतिक दलों का जवाब नहीं मिला, तो यह मान लिया जायेगा कि पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो चुका है. इस आशय की सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी जायेगी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय ने बताया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इन 7 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने 3 वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24) का वार्षिक अंकेक्षित खाता संबंधी विवरणी आयोग को नहीं भेजे हैं.

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जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का हो रहा उल्लंघन

साथ ही यह भी तथ्य भारत निर्वाचन आयोग के संज्ञान में आया है कि उपरोक्त राजनीतिक दलों ने निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लिया है, लेकिन निर्धारित समय के अंदर यानी विधानसभा चुनाव के बाद 75 दिन एवं लोकसभा चुनाव के बाद 90 दिनों के भीतर अपना व्यय-विवरणी आयोग को नहीं सौंपा है. यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में उपबंधित प्रावधानों का उल्लंघन है.

ECI News: पार्टियों को 9 से 16 अक्टूबर तक का समय

इसलिए इन दलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है. इसी निर्देश के आलोक में इन दलों के अध्यक्ष/महासचिव को पार्टी की तरफ से शपथ पत्र सहित लिखित पक्ष 9 से 16 अक्टूबर के बीच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में पूर्वाह्न 11:00 बजे रखें. इस आशय की सूचना राजनीतिक दलों को पंजीकृत पत्राचार के पते पर भेज दी गयी है. साथ ही समाचार पत्रों में आम सूचना के माध्यम से भी प्रकाशित की गयी है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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