दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, आदिवासियों के हक की लड़ाई को मिला सम्मान
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 26 Jan 2026 12:39 AM
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान
Shibu Soren: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को उनके अतुलनीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित करने का निर्णय लिया है.
Shibu Soren: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक, झारखंड आंदोलन के प्रणेता और आदिवासी अस्मिता की आवाज रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को केंद्र सरकार ने मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित करने का फैसला किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. यह सम्मान देश के प्रति उनके अमूल्य योगदान और लंबे संघर्ष को समर्पित है. शिबू सोरेन का नाम झारखंड आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. उन्होंने आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और अलग राज्य की मांग को लेकर लंबे सालों तक संघर्ष किया. झारखंड के गठन में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है. उनके नेतृत्व में आदिवासी समाज को राजनीतिक पहचान और आवाज मिली.
सामाजिक न्याय और आदिवासी हक की लड़ाई
शिबू सोरेन न केवल एक राजनेता थे, बल्कि वे आदिवासी समाज के हक और सम्मान के प्रतीक भी थे. उन्होंने शोषण, विस्थापन और अन्याय के खिलाफ निरंतर संघर्ष किया. उनका जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का उदाहरण रहा. उन्होंने संसद से लेकर सड़क तक आदिवासी मुद्दों को मजबूती से उठाया. शुरुआत में महाजनों के खिलाफ उनके संघर्ष को आज भी याद किया जाता है. इसके लिए उन्होंने जीवनभर लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने समाज से नशे का उखाड़ फेंकने का भी संकल्प लिया था.
राजनीतिक सफर और योगदान
शिबू सोरेन कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे. वे झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे और केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभाई. राजनीतिक जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद वे हमेशा आदिवासी समाज और झारखंड के हितों के लिए डटे रहे.
पूरे झारखंड में जश्न का माहौल
गृह मंत्रालय के इस ऐलान के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है1 पार्टी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह गुरुजी के बलिदान और संघर्ष का सबसे बड़ा सम्मान है. हालांकि जेएमएम ने शिबू सोरेन के लिए नरेंद्र मोदी सरकार से ‘भारत रत्न’ की मांग की थी.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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