इमरान की स्वीकारोक्ति
Updated at : 26 Jul 2019 4:23 AM (IST)
विज्ञापन

जिस स्वीकारोक्ति को सुनने के लिए हम वर्षों इंतजार कर रहे थे, आखिर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से वह शब्द सुनने को मिल ही गया. अमेरिका में उन्हें यह मानने को मजबूर होना पड़ा कि पाकिस्तान के कुछ आतंकवादियों ने कश्मीर में लड़ाई लड़ी है. वाशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में यह भी कबूल किया गया […]
विज्ञापन
जिस स्वीकारोक्ति को सुनने के लिए हम वर्षों इंतजार कर रहे थे, आखिर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से वह शब्द सुनने को मिल ही गया. अमेरिका में उन्हें यह मानने को मजबूर होना पड़ा कि पाकिस्तान के कुछ आतंकवादियों ने कश्मीर में लड़ाई लड़ी है. वाशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में यह भी कबूल किया गया कि इससे पहले 40 हजार के करीब आतंकवादी और 40 के करीब आतंकी गुट उनके देश में काम किया करते थे.
इमरान खान ने साफगोई तो दिखाया, मगर सब कुछ पूर्व में था, कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया. आज भी दहशतगर्दी पाकिस्तानी नीति का एक हिस्सा है. माली हालत आज उसकी खराब है इसलिए शायद इमरान के खिलाफ सेना कोई एक्शन नहीं लेगी. वरना हमने देखा है कि कैसे नवाज शरीफ को सेना ने दंड दिया है. शायद इसके बाद इस्लामाबाद की नीतियों में कुछ बदलाव देखने को मिल जाये.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




