शंघाई सहयोग संगठन का महत्व

Updated at : 13 Jun 2019 7:24 AM (IST)
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शंघाई सहयोग संगठन का महत्व

आगामी 13 एवं 14 जून को किर्गिस्तान की राजधानी 19वां शंघाई सहयोग संगठन का सम्मलेन होने जा रहा है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित इसके आठ स्थायी सदस्य देश हिस्सा लेने वाले हैं. इस बार का मुद्दा है आपसी व्यापार, अफगानिस्तान, क्षेत्रीय सुरक्षा एवं वैश्विक आतंकवाद. अपने देश का मुख्य मुद्दा भी आतंकवाद ही […]

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आगामी 13 एवं 14 जून को किर्गिस्तान की राजधानी 19वां शंघाई सहयोग संगठन का सम्मलेन होने जा रहा है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित इसके आठ स्थायी सदस्य देश हिस्सा लेने वाले हैं.
इस बार का मुद्दा है आपसी व्यापार, अफगानिस्तान, क्षेत्रीय सुरक्षा एवं वैश्विक आतंकवाद. अपने देश का मुख्य मुद्दा भी आतंकवाद ही होगा. मगर चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश को आतंकवाद के नाम पर सीधे हमला नहीं किया जायेगा.
इसका मतलब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी उस सम्मलन में होंगे, जिन पर कोई आरोप नहीं लगाया जायेगा. राष्ट्रसंघ भी आजतक आतंकवाद को परिभाषित ही नहीं कर पाया है. इस मौके पर हमारे प्रधानमंत्री का रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीन के जिनपिंग से बातचीत हो सकती है. इस सम्मेलन की उपयोगिता इसकी समाप्ति के बाद ही पता चल सकेगा.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर
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