दूरगामी कदम है चीन का एजेंटिक एआइ फ्रेमवर्क

Author : प्रवीन कौशल Published by : Rajneesh Anand Updated At : 26 May 2026 11:47 AM

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चीन का एजेंटिक एआइ

AI Framework : कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अधिकांश सार्वजनिक चर्चा बड़े भाषा मॉडल्स पर केंद्रित रही है : ऐसे सिस्टम जो निर्देश मिलने पर सामग्री तैयार करते हैं. पर एजेंटिक एआइ सिस्टम इससे मूल रूप से अलग है.

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AI Framework : आठ मई, 2026 को चीन की तीन सबसे शक्तिशाली नियामक संस्थाओं-साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना, नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन और उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय-ने संयुक्त रूप से ‘इंप्लीमेंटेशन ओपिनियंस ऑन द स्टैंडर्डाइज्ड एप्लिकेशन एंड इनोवेटिव डेवलपमेंट ऑफ इंटेलिजेंट एजेंट्स’ शीर्षक से एक ऐतिहासिक दस्तावेज प्रकाशित किया. एजेंटिक एआइ के लिए दुनिया का पहला व्यापक राष्ट्रीय वैधानिक ढांचा. यह दस्तावेज सामान्य नियमन नहीं है. यह एक साथ औद्योगिक मंशा की घोषणा, भू-राजनीतिक संकेत, और उस तकनीक के लिए शासन का खाका है, जो पहले ही अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को बदल रही है.


कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अधिकांश सार्वजनिक चर्चा बड़े भाषा मॉडल्स पर केंद्रित रही है : ऐसे सिस्टम जो निर्देश मिलने पर सामग्री तैयार करते हैं. पर एजेंटिक एआइ सिस्टम इससे मूल रूप से अलग है. चीन का ढांचा एआइ एजेंट को ऐसे सिस्टम के रूप में परिभाषित करता है, जहां एक एजेंट केवल प्रश्नों के उत्तर ही नहीं देता, वह लक्ष्य निर्धारित करता है, संदर्भ याद रखता है, उपकरण चुनता है, और बहु-स्तरीय कार्यों को स्वायत्त रूप से पूरा करता है, अक्सर लगातार मानवीय निर्देशों के बिना. जब कई एजेंट समन्वय में काम करते हैं, तो एक संचालन करता है, अन्य निष्पादन, तब उत्पादन, सेवाओं और शासन पर उनका प्रभाव अत्यंत व्यापक हो सकता है.

इस ढांचे के निर्माण के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आये हैं. पहला औद्योगिक महत्वाकांक्षा है. चीन की ‘एआइ प्लस’ रणनीति 2027 तक इंटेलिजेंट टर्मिनल्स और सार्वजनिक सेवाओं में 70 प्रतिशत एजेंट अपनाने का लक्ष्य रखती है, जिसे 2030 तक 90 प्रतिशत तक बढ़ाया जायेगा. दूसरा है राजनीतिक नियंत्रण. एजेंटिक एआइ अपनी क्षमता के कारण एक साथ लाखों इंटरैक्शनों में स्वायत्त रूप से कार्य कर सकता है और वह ऐसे राजनीतिक तंत्र के लिए वास्तविक चुनौती पेश करता है, जो सूचना प्रबंधन और सामाजिक स्थिरता पर आधारित है. यह चीन के मौजूदा एआइ कंटेंट नियंत्रण की सोच को एजेंटिक स्तर तक बढ़ाता है, ताकि स्वायत्त सिस्टम नियंत्रित रह सकें.


चीन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसका उद्देश्य इंटेलिजेंट एजेंट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक तय करना है, केवल उनका पालन करना नहीं. हुआवेई और लेनोवो जैसी कंपनियों को लिनक्स फाउंडेशन की एजेंटिक एआइ मानक पहल जैसी संस्थाओं में शामिल करना कोई संयोग नहीं है. घरेलू ढांचा वही आधार है, जिसके सहारे चीन वैश्विक मंच पर बातचीत करेगा. अब बात इस ढांचे की. यह दस्तावेज चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है. पहला तकनीकी आधार है. इसमें फाउंडेशनल मॉडल्स, एजेंट टूलचेन और इंटरऑपरेबिलिटी, गुणवत्ता मूल्यांकन तथा प्रमाणन को कवर करने वाली व्यापक मानक प्रणाली पर अनुसंधान एवं विकास अनिवार्य किया गया है.

यहां सबसे महत्वाकांक्षी प्रस्ताव है ‘इंटेलिजेंट इंटरनेट.’ यह भविष्य की एक अवसंरचना परत है, जिसमें एआइ एजेंट्स की डिजिटल पहचान होगी, वे अपनी क्षमताओं का पंजीकरण करेंगे और भरोसेमंद प्रोटोकॉल्स के माध्यम से सीधे एक-दूसरे के साथ लेनदेन करेंगे. दूसरा है सुरक्षा मानक. यह एक स्तरीय शासन मॉडल है, जो उच्च जोखिम क्षेत्रों-स्वास्थ्य सेवा, वित्त, परिवहन, न्यायिक सेवाएं, और सार्वजनिक सुरक्षा-में एजेंट्स पर कड़े पंजीकरण, परीक्षण, और रिकॉल नियम लागू करता है, जबकि कम जोखिम वाले उपभोक्ता और कार्यालय अनुप्रयोगों पर अपेक्षाकृत हल्का निगरानी ढांचा लागू करता है.

यह ढांचा महत्वपूर्ण रूप से एजेंट निर्णयों की तीन श्रेणियां निर्धारित करता है : वे जो केवल मनुष्यों के लिए सुरक्षित हैं, वे जो उपयोगकर्ता की अनुमति के साथ किये जा सकते हैं, और वे जिन्हें एजेंट पूरी तरह स्वायत्त रूप से कर सकते हैं. तीसरा है उन्नीस अनुप्रयोग क्षेत्र. वैज्ञानिक अनुसंधान, विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि, वित्तीय जोखिम नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सरकारी अनुमोदन, न्यायिक सहायता, शहरी शासन व सार्वजनिक सुरक्षा तक फैले हुए. चौथा इकोसिस्टम विकास है. इसमें ओपन-सोर्स डेवलपर फ्रेमवर्क्स, एजेंट सॉफ्टवेयर स्टोर्स, और एजेंटिक व्यवसाय बनाने वाले उद्यमियों के लिए सरकारी सब्सिडी शामिल है.


विदित है कि चीनी फाउंडेशनल मॉडल्स मुख्यतः ‘क्यूवेन’ और ‘डीपसीक’ पहले से ही स्वायत्त वेब नेविगेशन, वास्तविक दुनिया की कोडिंग, और स्प्रेडशीट निष्पादन के अंतरराष्ट्रीय मानकों में शीर्ष स्थान पर हैं. यही वे क्षमताएं हैं, जो एजेंट प्रदर्शन के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं. हालांकि, चीन के इस ढांचे में ऐसे जोखिम शामिल हैं जिन्हें लोकतांत्रिक देश बिना आलोचनात्मक सोच के नहीं अपना सकते. वही संरचना, जो कुशल सार्वजनिक सेवाओं को सक्षम बनाती है, निगरानी, सूचना नियंत्रण और नागरिकों के डिजिटल जीवन की हर परत में राज्य की शक्ति को भी स्थापित कर सकती है. ये जोखिम वास्तविक हैं और इन्हें स्पष्ट रूप से पहचाना जाना चाहिए. लेकिन यह ढांचा यह भी दिखाता है कि एजेंटिक एआइ से जुड़े कठिन शासन संबंधी प्रश्न हल किये जा सकते हैं.
(ये लेखक के निजी विचार हैं, वे मृकाल (एआइ/डेटा सेंटर) के निदेशक हैं)

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प्रवीन कौशल

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