कुशल कारीगरी, बेहतरीन नगर, उन्नत ड्रेनेज सिस्टम, ये है वैश्विक धरोहर बन चुकी धोलावीरा की खास बातें

Updated at : 28 Jul 2021 2:41 PM (IST)
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कुशल कारीगरी, बेहतरीन नगर, उन्नत ड्रेनेज सिस्टम, ये है वैश्विक धरोहर बन चुकी धोलावीरा की खास बातें

हड़प्पा काल के प्रसिद्ध नगर धोलावीरा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने वैश्विक धरोहर की सूची में शुमार कर लिया है. सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization ) के विशाल नगरों में एक धोलावीरा भी शामिल है.

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  • विश्व धरोहर सूची में अब भारत के अब 40 स्थल शामिल

  • हड़प्पाकाल के पांच सबसे बड़े स्थलों में शामिल धोलावारी हुआ शुमार

  • जल प्रबंधन व्यवस्था, बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र है शहर की खास पहचान

हड़प्पा काल के प्रसिद्ध नगर धोलावीरा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने वैश्विक धरोहर की सूची में शुमार कर लिया है. सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization ) के विशाल नगरों में एक धोलावीरा भी शामिल है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह वैश्विक धरोहर की यूनेस्को लिस्ट में गुजरात का चौथा साइट है. यूनेस्को ने इसे लेकर ट्वीट किया, ‘धोलावीरा : भारत में, हड़प्पाकालीन शहर को विश्व धरोहर सूची में अभी-अभी शामिल किया गया. बधाई हो!’

खास बातें:-

  • विश्व धरोहर सूची में अब भारत के 40 स्थल

  • भारतीय पुरातत्व विभाग ने 1967-68 में की थी धोलावीरा की खोज

  • हड़प्पाकाल के पांच सबसे बड़े व प्रमुख स्थलों में किया जाता है शुमार

  • सिंधु-घाटी सभ्यता से जुड़ा यह स्थल पुरातत्विक लिहाज से काफी अहम

  • जल प्रबंधन व्यवस्था, बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र है शहर की खास पहचान

विश्व धरोहर समिति के इस सत्र की अध्यक्षता चीन में फुझोऊ से की जा रही है और यह ऑनलाइन किया जा रहा है. यह 16 जुलाई को शुरू हुआ था और 31 जुलाई को संपन्न होगा. संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक ट्वीट में कहा कि मुझे भारतवासियों से यह साझा करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि अब धोलावीरा के रूप में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची भारत का 40 वां स्थल शामिल हो गया है. उन्होंने कहा कि आज भारत के लिए, विशेष रूप से गुजरात के लिए गर्व का दिन है. 2014 से विश्व धरोहर सूची में भारत के 10 नये स्थान शामिल किये गये हैं. वहीं पीएम मोदी ने इसको लेकर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि, इस खबर से बुहत खुशी हुई. धोलावीरा एक महत्वपूर्ण शहरी केंद्र था और हमारे अतीत के साथ हमारे सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक है.

गुजरात में अब चार वैश्विक धरोहर

  • चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्त्व उद्यान(2004)

  • रानी की वाव पाटन(2014)

  • अहमदाबाद(2017)

  • धोलावीरा(2021)

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Posted by: Pritish Sahay

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