ePaper

Waqf Board: वक्फ बोर्ड में संशोधन की खबर से भड़के असदुद्दीन ओवैसी, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Updated at : 04 Aug 2024 6:24 PM (IST)
विज्ञापन
Delhi Election 2025

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

Waqf Board: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने वक्फ बोर्ड में संशोधन को मंजूरी दे दी है. हालांकि इसकी आधिकारित घोषणा अभी तक नहीं हुई है. यह खबर मीडिया रिपोर्ट के हवाले से आ रही है. वक्फ बोर्ड में संशोधन की खबर से अलग-अलग रिएक्शन भी आने लगे हैं.

विज्ञापन

Waqf Board: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए विधेयक ला सकती है. इस पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा, जब संसद सत्र चल रहा है, तो केंद्र सरकार संसदीय सर्वोच्चता और विशेषाधिकारों के खिलाफ काम करते हुए पहले मीडिया को सूचित करती है, लेकिन संसद को सूचित नहीं करती है.

मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है

मीडिया में जो खबर चल रही है, उसके अनुसार मैं प्रस्तावित संशोधन के बारे में कह सकता हूं कि नरेंद्र मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है और इसमें हस्तक्षेप करना चाहती है. यह अपने आप में धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है. दूसरी बात यह है कि भाजपा शुरू से ही इन बोर्डों और वक्फ संपत्तियों के खिलाफ रही है और उनका हिंदुत्व एजेंडा है. अगर आप वक्फ बोर्ड की स्थापना और संरचना में संशोधन करते हैं, तो प्रशासनिक अराजकता होगी, वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म होगी और अगर सरकार का नियंत्रण वक्फ बोर्ड पर बढ़ता है, तो वक्फ की स्वतंत्रता प्रभावित होगी.

कार्यपालिका न्यायपालिका की शक्ति छीनने की कोशिश कर रही है

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, अगर कोई विवादित संपत्ति है, तो ये लोग कहेंगे कि संपत्ति विवादित है, हम इसे हासिल कर लेंगे सर्वे किया गया. सर्वे भाजपा और मुख्यमंत्रियों द्वारा कराया जाएगा. आपको पता है कि इसका परिणाम क्या होगा. हमारे भारत में कई ऐसी दरगाहें हैं, जहां भाजपा-आरएसएस दावा करता है कि वे दरगाह और मस्जिद नहीं हैं, इसलिए कार्यपालिका न्यायपालिका की शक्ति छीनने की कोशिश कर रही है.

सरकार को कोई भी संशोधन करने से पहले हितधारकों से सलाह लेनी चाहिए

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मीडिया रिपोर्टों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए विधेयक ला सकती है. उन्होंने कहा, हमारे पूर्वजों ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान करके उसे इस्लामी कानून के तहत वक्फ बनाया है। इसलिए जहां तक ​​वक्फ कानून का सवाल है, तो यह जरूरी है कि संपत्ति का इस्तेमाल सिर्फ धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए, जिसके लिए वक्फ किया गया है. यह कानून है कि एक बार जब कोई संपत्ति वक्फ बन जाती है तो उसे बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता. जहां तक ​​संपत्तियों के प्रबंधन का सवाल है, हमारे पास पहले से ही वक्फ अधिनियम 1995 है और फिर 2013 में कुछ संशोधन किए गए और फिलहाल हमें नहीं लगता कि इस वक्फ अधिनियम में किसी तरह के संशोधन की जरूरत है. अगर सरकार को लगता है कि कोई जरूरत है तो सरकार को कोई भी संशोधन करने से पहले हितधारकों से सलाह लेनी चाहिए और उनकी राय लेनी चाहिए. सभी को यह ध्यान रखना चाहिए कि वक्फ की करीब 60% से 70% संपत्तियां मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों के रूप में हैं.

रॉकेट हमले से धुआं-धुआं हुआ इजरायल

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola