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Waqf Bill: बढ़ सकता है संसद का बजट सत्र

Updated at : 31 Mar 2025 7:05 PM (IST)
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Waqf Bill: बढ़ सकता है संसद का बजट सत्र

सोमवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया है सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लाने की तैयारी कर चुकी है. इस विधेयक पर होने वाली बहस में सभी दलों को शामिल होना चाहिए.

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Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक अगले हफ्ते पेश होने की संभावना है. मंगलवार को सरकार की ओर से विधेयक पेश करने की तारीख बता दी जाएगी. इस विधेयक का मुखालफत तमाम विपक्षी दल और कई मुस्लिम संगठन कर रहे हैं. हालांकि सरकार इस पर व्यापक रूप से संसद में बहस कराना चाहती है. सरकार का मानना है कि इस पर बहस के बाद जिस तरह के अफवाह फैलाये जा रहे है, उस पर विराम लगेगा. साथ ही जो लोग इसका विरोध कर रहे है, उनको भी सही जानकारी प्राप्त हो सकेगी.

बहस में शामिल हो सभी दल

इस बीच सोमवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया है सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लाने की तैयारी कर चुकी है. इस विधेयक पर होने वाली बहस में सभी दलों को शामिल होना चाहिए. विधेयक को जल्दबाजी में नहीं बनाया गया है. संयुक्त संसदीय समिति ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया है. सभी हितधारकों की रिकॉर्ड संख्या में बात सुनी गयी है. इस व्यापक विचार-विमर्श की प्रक्रिया के बाद विधेयक को तैयार किया गया है. लेकिन कुछ दल और संगठन लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. 

जो संगठन इस विधेयक को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, उनकी पहचान की गयी है. यह झूठ फैलाया जा रहा है इस कानून के जरिये सरकार मुस्लिमों के कब्रिस्तान, मस्जिद और लोगों की जमीन छीनने की तैयारी कर रही है. नागरिकता संशोधन कानून के दौरान भी ऐसे ही लोगों को गुमराह करने का काम किया गया था. क्या नागरिकता कानून पारित होने के बाद किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता पर कोई फर्क पड़ा. 

जरूरत पड़ी, तो बढ़ सकता है सत्र


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बजट सत्र को बढ़ाया जा सकता है. इस विधेयक पर सरकार व्यापक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. देश संविधान और कानून से चलता है. किसी की जमीन को सरकार कैसे जबरन ले सकती है. सरकार विधेयक के हर प्रावधान पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. लेकिन विरोध के लिए तर्क का सहारा लेना चाहिए. हंगामा करने से कुछ हासिल नहीं होगा. विपक्षी दल के कई सांसद इन विधेयक के पक्ष में है. 

जदयू-टीडीपी का रुख साफ नहीं

गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन में शामिल दल वक्फ विधेयक का लगातार विरोध कर रहे हैं. वहीं एनडीए में शामिल जदयू, टीडीपी और अन्य दलों की ओर से अभी रूख साफ नहीं किया गया है. लेकिन एनडीए के भीतर विधेयक को लेकर आम सहमति बनने की बात कही जा रही है. 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से कई मुस्लिम संगठनों ने इस विधेयक का विरोध करने की मांग की है. ऐसी खबर है कि जदयू ने इस विधेयक को लेकर सरकार के सामने अपनी मांग रखी है और सरकार इन मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है. वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस होने की संभावना है. 

 
ईसाई संगठन भी सरकार के समर्थन में उतरा

इस बीच कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेंस ऑफ इंडिया(सीबीसीआई) ने भी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है. सीबीसीआई का कहना है कि मौजूदा वक्फ कानून के कुछ प्रावधान संविधान और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं. केरल ने वक्फ बोर्ड ने इन प्रावधानों का उपयोग करते हुए मुनांबम में 600 परिवारों के पैतृक आवासीय संपत्ति पर अपना अधिकार जताया है. पिछले तीन साल से वक्फ के इस दावे के कारण लोग जटिल कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. ऐसे में इस कानून में संशोधन से ही लोगों को राहत मिल सकती हैं. इस हकीकत को जनप्रतिनिधियों को स्वीकार करना चाहिए. यह विधेयक संसद में पेश में होने वाला है और हमारी सभी राजनीतिक दलों से मांग है कि वे भेदभाव से ऊपर उठकर इस विधेयक पर सकारात्मक रवैया अपनाएं. जमीन पर मालिकाना हक का मामला पूरी तरह हल होना चाहिए. संविधान के खिलाफ इस कानून के प्रावधान को हटाया जाना चाहिए. 

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Anjani Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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