Threats for Extortion : 300 दिन में धमकी भरे 160 कॉल, कहा- पैसे दो नहीं तो अंजाम बुरा होगा
Threats for Extortion in Delhi
Threats for Extortion : दिल्ली में हर दूसरे दिन व्यापारियों को जबरन वसूली के लिए धमकी मिल रही है. एक आंकड़े के अनुसार, 300 दिन में 160 ऐसे कॉल व्यापारियों के पास आए.
Threats for Extortion : दिल्ली में व्यापारियों से जबरन वसूली के मामले बढ़ते जा रहे हैं. इस साल अक्टूबर तक व्यापारियों से जबरन वसूली के लिए 160 कॉल आई. यानी हर दूसरे दिन व्यापारी को जबरन वसूली के लिए धमकाया गया. पुलिस के सूत्रों ने बताया कि इनमें से अधिकांश कॉल विदेशी गैंगस्टर या उनके सहयोगियों द्वारा ‘वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल’ (वीओआईपी) या फिर अंतरराष्ट्रीय फोन नंबरों से की गई. भवन निर्माताओं, प्रॉपर्टी डीलर, जौहरी, मिठाई की दुकानों और कार शोरूम के मालिकों को खासतौर पर जबरन वसूली के लिए फोन किया गया है.
एक सूत्र ने बताया कि इस साल अक्टूबर तक (करीब 300 दिन में) व्यापारियों को जबरन वसूली के लिए करीब 160 कॉल की गई हैं. कुछ मामलों में ऐसा हुआ है कि कॉल के बाद निशाना बनाए गए व्यक्ति के घर या कार्यालय के बाहर गोलीबारी की गई है. दिल्ली में पिछले सप्ताह मात्र चार दिन में सात ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कुख्यात अपराधियों ने एक जौहरी, जिम मालिक, प्रॉपर्टी डीलर, मिठाई की दुकान के मालिक और एक मोटर वर्कशॉप के मालिक को निशाना बनाया है.
15 अगस्त तक जबरन वसूली के कुल 133 मामले दर्ज
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी सात मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और विशेष प्रकोष्ठ तथा अपराध शाखा की अलग-अलग टीम अपराधियों को पकड़ने के लिए काम कर रही हैं. दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 15 अगस्त तक राष्ट्रीय राजधानी में जबरन वसूली के कुल 133 मामले दर्ज किये गये हैं. पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान कुल 141 ऐसे मामले सामने आए थे और 2022 के लिए यह आंकड़ा 110 था.
कॉल करने के लिए फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल
पुलिस ने बताया कि 2023 में जबरन वसूली के 204 मामले और 2022 में 187 मामले सामने आए थे. ऐसे मामलों की जांच करने वाले एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कॉल करने वाले आरोपी ज्यादातर वीओआईपी नंबर या फर्जी सिम कार्ड पर लिए गए व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल करते हैं. सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ महीने में जबरन वसूली के लिए कॉल करने के साथ-साथ गोलीबारी और हत्याओं में शामिल 11 गिरोहों की पहचान की है.
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किन गिरोहों से आ रहे हैं व्यापारियों को कॉल
इन गिरोहों में लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़, हिमांशु भाऊ, कपिल सांगवान उर्फ नंदू, जितेंद्र गोगी-संपत नेहरा, हाशिम बाबा, सुनील टिल्लू, कौशल चौधरी, नीरज फरीदपुरिया और नीरज बवाना शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि गैंगवार के कारण मारे गए गोगी और टिल्लू को छोड़कर, इनमें से अधिकतर अपराधी या तो जेल में हैं या विदेश में रह रहे हैं.
(इनपुट पीटीआई)
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By Amitabh Kumar
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