उद्धव ठाकरे बोले- मैं अध्यक्ष पद छोड़ने को तैयार… कांग्रेस में विलय पर कही यह बात

Edited by Pritish Sahay
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मुंबई में शिवसेना (UBT) के नेताओं के साथ उद्धव ठाकरे, फोटो- पीटीआई

Uddhav Thackeray: मुंबई में शिवसेना (UBT) के 60वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने पार्टी में जारी बगावत के बीच बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं का उन पर भरोसा नहीं है तो वह पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने को तैयार हैं.

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Uddhav Thackeray: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में जारी राजनीतिक संकट और सांसदों की बगावत के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक अपील की. मुंबई में पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को उन पर भरोसा नहीं है तो वह पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं. उद्धव ठाकरे ने कहा- यदि आपको मुझ पर भरोसा और विश्वास नहीं है, तो मैं पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने को तैयार हूं. किसी को भी शिवसेना का अध्यक्ष बना दीजिए.

देश एक पार्टी, बिना चुनाव की ओर बढ़ रहा है- उद्धव

अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश एक ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जहां केवल एक पार्टी रह जाएगी और चुनावों का महत्व खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा- देश ‘एक पार्टी, बिना चुनाव’ की दिशा में बढ़ रहा है. यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है.

बागी सांसदों के लिए मतदाताओं से मांगी माफी

पार्टी के छह सांसदों की ओर से नेतृत्व से दूरी बनाने के बीच उद्धव ठाकरे ने उन मतदाताओं से भी माफी मांगी जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में इन सांसदों को वोट दिया था. उन्होंने कहा कि यदि वह लगातार शिवसैनिकों और जनता के बीच नहीं जाते, तो पार्टी चुनावों में इतनी सफलता हासिल नहीं कर पाती. उद्धव ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं में निराशा नहीं बल्कि उत्साह है और शिवसेना की विचारधारा पहले से अधिक मजबूत है.

कांग्रेस में विलय की अटकलों को किया खारिज

पार्टी के कांग्रेस में विलय की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना ने 30 सालों तक भाजपा के साथ गठबंधन में रहने के बावजूद कभी विलय नहीं किया, तो कांग्रेस के साथ विलय का सवाल ही नहीं उठता.

छह सांसदों की बगावत से बढ़ा संकट

शिवसेना (UBT) बीते चार सालों में दूसरी बार बड़ी बगावत का सामना कर रही है. पार्टी के छह सांसद- संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाखचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. इन सांसदों ने बीते गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित पार्टी की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया, जिसके बाद उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गईं.

भाजपा पर साजिश का आरोप

इसी कड़ी में शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे ने पार्टी में जारी बगावत के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए की संख्या बढ़ाकर परिसीमन संबंधी विधेयक पारित कराना चाहती है. दानवे ने दावा किया- इस पूरी योजना के पीछे भाजपा है, जबकि एकनाथ शिंदे को केवल चेहरा बनाया गया है. भाजपा को 2029 के लोकसभा चुनाव में संभावित हार का डर है, इसलिए वह सांसदों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है. हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अन्य दलों के आंतरिक मामलों से उसका कोई संबंध नहीं है.

संजय राउत का बड़ा दावा

शिवसेना (BUT) के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने भी बागी सांसदों को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि बागी सांसदों के बीच केंद्रीय मंत्री पद को लेकर मतभेद है. राउत ने कहा- छह सांसदों में से केवल एक ही मंत्री बन सकता है. इसलिए यह समझौता हुआ है कि जिन्हें मंत्री पद नहीं मिलेगा, उन्हें अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को सत्ता पक्ष की ओर से विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए जा रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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