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Pahalgam Attack: नाम क्या है तुम्हारा? ‘भारत’ इतना सुनते ही बेटे के सामने सिर पर मारी गोली 

Updated at : 24 Apr 2025 7:47 AM (IST)
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Terrorists killed bengaluru man

सांकेतिक फोटो

Pahalgam Attack: बेंगलुरु के भारत भूषण की पहलगाम में आतंकियों ने हत्या कर दी. परिवार संग छुट्टियों पर गए थे. नाम पूछने पर "भारत" बताने पर उन्हें बच्चे के सामने गोली मारी गई.

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Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत इलाके पहलगाम में छुट्टियां मनाने गए बेंगलुरु निवासी भारत भूषण की आतंकवादियों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी. भारत अपनी पत्नी डॉ. सुजाता और तीन साल के बेटे के साथ सैर पर निकले थे, जब यह दिल दहला देने वाली घटना हुई.

घटना के अनुसार, कुछ आतंकियों ने अचानक भारत के परिवार को घेर लिया. जब उनसे नाम पूछा गया, तो उन्होंने साहसपूर्वक जवाब दिया “मेरा नाम भारत है.” नाम सुनते ही आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी. यह वारदात उनके मासूम बेटे और पत्नी के सामने हुई, जो जीवन भर इस भयावह मंजर को नहीं भुला पाएंगे. डॉ. सुजाता पेशे से बच्चों की डॉक्टर हैं. यह परिवार पहलगाम में एक शांतिपूर्ण छुट्टी बिताने गया था, लेकिन एक पल में वह यात्रा दर्द और आंसुओं में बदल गई.

बेंगलुरु में मातम का माहौल (Pahalgam Attack)

भारत भूषण के बेंगलुरु स्थित घर में गम और शोक का माहौल है. उनके 74 वर्षीय पिता चेन्नवीरप्पा को सुबह की सैर के दौरान अखबार से बेटे की मृत्यु की खबर मिली. उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्होंने खबर पढ़ी, उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई. परिवार वालों ने पहले यह दुखद समाचार उनसे छुपा रखा था. भारत ने हमले से कुछ घंटे पहले ही अपने पिता से फोन पर बात की थी. उन्होंने पहलगाम के सुंदर दृश्यों के बारे में बताया और अपनी यात्रा की जानकारी दी थी. पिता ने उन्हें सुरक्षित रहने की सलाह दी थी, पर किसे पता था कि यह आखिरी बातचीत होगी.

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परिवार की कोशिशें और मन्नतें बेकार गईं (Pahalgam Attack)

जब मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे हमले की खबरें आने लगीं, तब भी चेन्नवीरप्पा को सच्चाई नहीं बताई गई. घर में टीवी और इंटरनेट न चलने का बहाना बनाया गया. देर शाम उनके बड़े बेटे प्रीतम ने बताया कि भारत घायल हो गया है और वह उसे लाने कश्मीर जा रहे हैं. परिवार को दिलासा दी गई कि चोट गंभीर नहीं है. घर में चिंता का माहौल बढ़ता गया. चेन्नवीरप्पा की 72 वर्षीय पत्नी ने मन्नत मांगी और पूजा-पाठ शुरू किया. दोनों ने मिलकर भारत की सुरक्षित वापसी के लिए 101 रुपये की मन्नत रखी थी, लेकिन नियति ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया.

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आतंकियों की दरिंदगी (Terrorists Killed Bengaluru Man)

भारत भूषण का तीन साल का बेटा उनकी गोद में था जब आतंकियों ने हमला किया. उन्होंने पहले बच्चे को सौंपने को कहा, फिर नाम पूछा. जब उन्होंने ‘भारत भूषण’ कहा, तो उनसे धर्म पूछा गया. जैसे ही उन्होंने ‘हिंदू’ बताया, उन्हें गोली मार दी गई. चेन्नवीरप्पा ने बताया कि उन्होंने बेटे का नाम पुराने अभिनेता भारत भूषण और राजा भरत के नाम पर रखा था, जिनके नाम पर देश का नाम ‘भारत’ पड़ा. उन्हें गर्व था बेटे के नाम पर, लेकिन आज वही नाम उनकी आंखों के सामने उनकी दुनिया उजाड़ गया. यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि एक बार फिर देश के सामने आतंक की बर्बरता को उजागर करती है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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