Chief Justice of India: जस्टिस संजीव खन्ना नहीं जा पा रहे मॉर्निंग वॉक पर, जानें वजह

Edited by Amitabh Kumar
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CJI Sanjiv Khanna

Sanjiv Khanna : न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 51वें मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे. इससे पहले वे मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा पा रहे हैं. जानें वजह

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Sanjiv Khanna , Chief Justice of India : न्यायमूर्ति संजीव खन्ना आज राष्ट्रपति भवन में भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई के रूप में शपथ लेने वाले हैं. वे मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की जगह लेंगे, जो रविवार को सेवानिवृत्त हो गए. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 10 बजे खन्ना को पद की शपथ दिलाएंगी. वे भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में 6 महीने का कार्यकाल पूरा करेंगे. उनके 13 मई, 2025 को सेवानिवृत्त होने की उम्मीद है. 64 वर्षीय न्यायमूर्ति खन्ना, दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति देव राज खन्ना के पुत्र हैं. वे सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एच आर खन्ना के भतीजे हैं.

संजीव खन्ना नहीं जा पा रहे मॉर्निंग वॉक पर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संजीव खन्ना के लिए सीजेआई पद की शपथ लेने से पहले ही मुश्किल बढ़ चुकी है. वह प्रतिदिन मॉर्निंग वॉक पर जाते हैं. उनको 10 किलोमीटर पैदल चलने की आदत है. अकेले ही वह इस दूरी को तय करते हैं, लेकिन सीजेआई बनने के बाद उन्हें प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा. इसके तहत उनके साथ हमेशा सुरक्षाकर्मी रहेंगे. ऐसे में खबर है कि उन्होंने मॉर्निंग वॉक करना ही छोड़ दिया है. खन्ना को सीजेआई का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सलाह दी गई कि वे अकेले सैर पर न निकलें. सुरक्षाकर्मियों के साथ कहीं भी जाएं. ऐसे में उन्होंने फैसला किया कि वे सिक्योरिटी के साथ सैर पर नहीं निकलेंगे.

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पब्लिसिटी से दूर रहना पसंद करते हैं जस्टिस खन्ना

जस्टिस खन्ना को अकेले सैर करना बहुत पसंद है. अमूमन वे कार ड्राइव करके अपने दोस्तों के पास पहुंच जाते हैं. जस्टिस खन्ना की स्कूल से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई राजधानी दिल्ली में ही हुई है. वह शहर के हर इलाके से अच्छी तरह से वाकिफ हैं. सीधे और शांत स्वभाव के खन्ना पब्लिसिटी से दूर रहना पसंद करते हैं.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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