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कोर्ट के फैसले से टूटा गांधी परिवार का घमंड, बोले संबित पात्रा- न्यायालय झुकेगा नहीं, कानून सबके लिए एक

Updated at : 20 Apr 2023 12:59 PM (IST)
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कोर्ट के फैसले से टूटा गांधी परिवार का घमंड, बोले संबित पात्रा- न्यायालय झुकेगा नहीं, कानून सबके लिए एक

सूरत सेशंस कोर्ट की ओर से राहुल गांधी की याचिका खारिज होने के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है. बीेजपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी खुद से कोर्ट से भी ऊपर समझते थे, लेकिन इस फैसले के बाद काहुल गांधी का भी घमंड टूटा है.

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मोदी सरनेम मामले में सूरत की सेशंस कोर्ट ने राहुल गांधी को आज बड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट से मिले झटके के बाद बीजेपी ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले पर कहा कि कोर्ट के फैसले से गांधी परिवार का घमंड टूटा है. उन्होंने राहुल पर हमला करते हुए कहा कि राहुल खुद को कोर्ट से बड़ा समझते थे, इस फैसले से उनका घमंड टूटेगा. पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी की सजा पर रोक न लगाकर न्यायालय ने दिखा दिया है कि वो झुकने वाला नहीं है. संबित पात्रा ने यह भी कहा कि राहुल के पास अभी भी मौका है उन्हें ओबीसी समुदाय से हाथ जोड़कर माफी मांग लेनी चाहिए.

कानून से खुद को ऊपर समझते हैं राहुल- अर्जुन राम मेघवाल: वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सूरत कोर्ट की ओर से खारिज की गई याचिका पर कहा है कि हमने हमेशा कहा है कि राहुल गांधी खुद को कानून से ऊपर समझने लगे है, और उनकी पार्टी के कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि उन्हें विशेष दर्जा क्यों नहीं मिल रहा है.  

सांसद होना दोषसिद्धि को निलंबित करने का आधार नहीं: सूरत कोर्ट की ओर से खारिज की गई राहुल गांधी की याचिका पर पूर्णेश मोदी के वकील हर्षित तोलिया ने कहा कि अदालत ने कहा है कि यह कोई असाधारण मामला नहीं है. शिकायतकर्ता के पास पर्याप्त मामला बनता है. केवल एक सांसद होना दोषसिद्धि को निलंबित करने का आधार नहीं है. यह भी न्यायाधीश द्वारा देखा जाता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए आरोपी के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को भी ध्यान में रखा जाता है.

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गौरतलब है कि मानहानि मामले में राहुल गांधी ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ तीन अप्रैल को सत्र अदालत का रुख किया था.  उनके वकीलों ने दो आवेदन भी दाखिल किये जिनमें एक सजा पर रोक के लिए और दूसरा अपील के निस्तारण तक दोषी ठहराये जाने पर स्थगन के लिए था. बीते 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने बीजेपी के विधायक पूर्णेश मोदी की ओर से दायर आपराधिक मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी करार दिया था और दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी. सजा मिलने के एक दिन बाद राहुल को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया था.

भाषा इनपुट के साथ

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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