मधेपुरा में 68 करोड़ की ड्रेनेज योजना अधूरी, हल्की बारिश में डूब रहा शहर

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 11 Jun 2026 3:12 PM

विज्ञापन

हल्की बारिश में डूब रहा शहर

Madhepura News: जांच हुई, विवाद हुआ, करोड़ों खर्च हुए, लेकिन मधेपुरा आज भी बारिश के पानी में डूब रहा है. आखिर 68 करोड़ की महत्वाकांक्षी ड्रेनेज योजना अधूरी क्यों है?

विज्ञापन

मधेपुरा से सविता नंदन कुमार की रिपोर्ट

Madhepura News: शहर को जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए करीब 68 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई वॉटर ड्रेनेज परियोजना आज भी अधूरी पड़ी है. वर्षों पहले बड़े दावों और उम्मीदों के साथ शुरू की गई इस योजना से लोगों को उम्मीद थी कि हर मानसून में होने वाली जलभराव की समस्या से छुटकारा मिलेगा.

हकीकत यह है कि मानसून की दस्तक से पहले हुई हल्की बारिश ने ही शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है. कई मोहल्लों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. अब परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से 36 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है.

हल्की बारिश में ही डूबने लगते हैं मोहल्ले

गुरुवार सुबह हुई बारिश ने एक बार फिर दिखा दिया कि शहर की जल निकासी व्यवस्था कितनी कमजोर है. लक्ष्मीपुर मोहल्ला वार्ड 16, पोस्ट ऑफिस गली वार्ड 18, कर्पूरी नगर वार्ड 21 सहित कई इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया. लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई और कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं.

विवादों में घिर गई थी परियोजना

ड्रेनेज परियोजना शुरू होने के बाद से ही यह लगातार विवादों में रही. निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी सवालों को लेकर तत्कालीन विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने निर्माणाधीन नालों में उतरकर निरीक्षण भी किया और संवेदक व निर्माण एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए.

उच्च स्तरीय जांच भी हुई, लेकिन समाधान नहीं निकला

निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ियों को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी. इसके बाद पटना से तकनीकी टीमों और संबंधित विभागों ने जांच भी की. लोगों को उम्मीद थी कि जांच के बाद निर्माण की खामियां दूर कर परियोजना को तेजी से पूरा किया जाएगा.

लेकिन जांच, समीक्षा और कई दौर की बैठकों के बावजूद परियोजना आज भी अधूरी है. शहर के कई हिस्सों में निर्माण कार्य लंबित है और जहां निर्माण हुआ है वहां भी अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहे हैं.

36 करोड़ रुपये का भुगतान अटका, काम पर पड़ा असर

बुडको के प्रोजेक्ट मैनेजर आशुतोष ठाकुर के अनुसार परियोजना की कुल लागत लगभग 68 करोड़ रुपये है और अब तक करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि परियोजना शुरू होने के बाद विभाग की ओर से केवल एक बिल का भुगतान किया गया. मार्च 2025 के बाद से कंपनी को कोई भुगतान नहीं मिला है.

वर्तमान में करीब 36 करोड़ रुपये का बिल बकाया है. भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों और श्रमिकों में असंतोष है तथा परियोजना की गति प्रभावित हो रही है. प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है कि विभाग और उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

जनता जानना चाहती है जवाब

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस परियोजना पर 68 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसको लेकर वर्षों तक आंदोलन हुए, जांच हुई, राजनीतिक बहस हुई और विभागीय समीक्षा हुई, वह आज तक पूरी क्यों नहीं हो सकी? यदि परियोजना का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है तो शहर को उसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा?

Also Read: लालू यादव के बर्थडे पर पढ़िए उनके कई मजेदार किस्से, जो आज भी लोगों को गुदगुदाते हैं

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन