Video : 36 साल बाद श्रीनगर के रघुनाथ मंदिर में मना राम नवमी

रघुनाथ मंदिर में हो रहे हवन की तस्वीर (Photo: ANI)
Raghunath Temple : जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हब्बा कदल इलाके में स्थित रघुनाथ मंदिर में 36 साल बाद राम नवमी मनाई गई. इस खास मौके पर मंदिर समिति ने बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया. नीचे देखें वीडियो.
Raghunath Temple : लंबे समय बाद हुए इस आयोजन से लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इसमें शामिल हुए. कार्यक्रम का वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि मंदिर में दीपक जल रहे हैं. मंदिर में हवन हो रहा है. आप भी देखें ये वीडियो.
#WATCH | Jammu & Kashmir: Raghunath Temple in Srinagar’s Habba Kadal celebrates Ram Navami after 36 years. The temple committee organises a grand celebration on the auspicious occassion. (26.03) pic.twitter.com/YqSSpY9hZI
— ANI (@ANI) March 27, 2026
रघुनाथ मंदिर समिति के महासचिव सुनील टिकू ने बताया कि पहले इस मंदिर में राम नवमी पर पूरे इलाके से कश्मीरी पंडित जुटते थे. इस साल भी मंदिर में भव्य आयोजन किया गया. इससे पुरानी रौनक और परंपरा की झलक फिर से देखने को मिली. उन्होंने कहा कि 36 साल बाद यह त्योहार मनाकर बहुत खुशी हुई. भगवान की कृपा से ही यह सब संभव हो पाया.
#WATCH | Jammu & Kashmir: General Secretary of Raghunath Mandir Committee, Sunil Tikoo says, "The main festival of this temple was Ram Navami, and Kashmiri Pandits used to come here from far and wide… This is a very important festival for us, and we enjoyed this festival after… https://t.co/7ggIyD3R5r pic.twitter.com/pxbWh0YJ4k
— ANI (@ANI) March 27, 2026
रघुनाथ मंदिर में क्यों नहीं मना इतने दिन त्योहार?
1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में आतंकवाद और हिंसा काफी बढ़ गई थी. खासकर हिंदुओं के खिलाफ हमले बढ़ने से कश्मीरी पंडितों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा. इसी वजह से श्रीनगर के हब्बा कदल स्थित रघुनाथ मंदिर में राम नवमी मनाना बंद हो गया.
भक्त श्रद्धा के साथ व्रत-पूजा करते हैं नवरात्रि में
नौ दिन चलने वाला यह पर्व (जिसे राम नवरात्रि भी कहा जाता है) राम नवमी के दिन खत्म होता है. इसी दिन भगवान राम का जन्म माना जाता है. इन पूरे नौ दिनों में देवी शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है और भक्त श्रद्धा के साथ व्रत-पूजा करते हैं.
यह भी पढ़ें : बिहार में बन रहे विराट रामायण मंदिर की क्या-क्या होगी खासियत? जानिए सब कुछ
अयोध्या में मनाया जाता है भव्य तरीके से जश्न
यह त्योहार पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. लोग देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा और प्रार्थना करते हैं. राम नवमी के दिन भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाया जाता है. खासकर अयोध्या में इस दिन का खास महत्व होता है. यहां भव्य तरीके से जश्न मनाया जाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




