ePaper

Pakistan: क्या आपको पता है पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की भारत में कितनी जमीन?  

Updated at : 01 Sep 2024 10:03 AM (IST)
विज्ञापन
Pervez Musharraf

Pervez Musharraf

Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष परवेज मुशर्रफ की जमीन भारत सरकार नीलाम करने जा रही है. क्या आपको पता है परवेज मुशर्रफ के पास भारत में कितनी जमीन है?

विज्ञापन

Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf) के परिवार की बागपत के कोताना गांव में स्थित शत्रु संपत्ति को नीलाम किया जाएगा. इस संपत्ति में 13 बीघा जमीन शामिल है, जिसे नीलाम करने के लिए प्रशासन ने ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है. नीलामी की प्रक्रिया 5 सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी और इसके बाद संपत्ति को खरीदार के नाम पर दर्ज किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें: Weather Today: 1-2-3-4-5 सितंबर को यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, जानें अन्य राज्यों के मौसम का हाल

गांव के निवासियों के अनुसार, परवेज मुशर्रफ का परिवार कोताना गांव में रहता था. भारत-पाकिस्तान विभाजन (India-Pakistan partition) के समय उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था, लेकिन उनकी जमीन और हवेली यहीं रह गई थी. इस प्रॉपर्टी को शत्रु संपत्ति (Enemy Property) के रूप में दर्ज किया गया था, जिसे अब प्रशासन द्वारा नीलाम किया जा रहा है. परवेज मुशर्रफ का निधन 5 फरवरी 2023 को हुआ था.

इसे भी पढ़ें: Elon Musk: एलन मस्क को ब्राजील के जज ने सिखाया ऐसा सबक, जीवन भर रखेंगे याद

ग्रामीणों ने बताया कि परवेज मुशर्रफ के पिता मुशर्रफुद्दीन और माता बेगम जरीन कोताना गांव के निवासी थे. उनकी शादी भी यहीं हुई थी, लेकिन 1943 में वे दिल्ली चले गए थे. परवेज मुशर्रफ और उनके भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ (Dr. Javed Musharraf) का जन्म दिल्ली में हुआ था. भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद 1947 में उनका परिवार पाकिस्तान जाकर बस गया था. कोताना में उनके परिवार की हवेली और खेती की जमीन थी. परवेज मुशर्रफ की जमीन नीलाम होने के बाद उनके भाई और अन्य परिवार के सदस्यों की 13 बीघा से अधिक जमीन बची थी. यह जमीन 15 साल पहले शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज की गई थी.

इसे भी पढ़ें: Public Holiday: सितंबर में 9 दिन छुट्टियां, 15 दिन बैंक रहेंगे बंद, देखें पूरी लिस्ट

शत्रु संपत्ति की बात करें तो, शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 के तहत, उन संपत्तियों पर सरकार का अधिकार होता है जो उन व्यक्तियों की होती हैं जो विभाजन के समय या 1965 और 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान चले गए थे और वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली थी.

इसे भी पढ़ें: Karnataka: क्या CM पद छोड़ देंगे सिद्धारमैया? कांग्रेस नेता ने दिया बड़ा संकेत, जानें पूरा मामला 

विज्ञापन
Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola