कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अन्नदाताओं से कहा, किसानों के हित में हैं नए कृषि कानून...कल होगी 4थे दौर की बातचीत
Author : Kaushal Kishor Published by : Prabhat Khabar Updated At : 02 Dec 2020 10:34 PM
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से कहा है कि संसद से पारित कृषि से संबंधित तीन नये कानून किसानों के हित में हैं. पत्रकारों से बातचीत करते हुए तोमर ने कहा कि अगर किसानों को इन कानूनों से कोई आपत्ति है, तो सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए उनसे बातचीत करने को तैयार है. उन्हें प्रदर्शन का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए, क्योंकि नागरिकों को कठिनाई होती है. मालूम हो कि सरकार और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच चौथे दौर की बातचीत गुरुवार को होनी है.
नयी दिल्ली : केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से कहा है कि संसद से पारित कृषि से संबंधित तीन नये कानून किसानों के हित में हैं. पत्रकारों से बातचीत करते हुए तोमर ने कहा कि अगर किसानों को इन कानूनों से कोई आपत्ति है, तो सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए उनसे बातचीत करने को तैयार है. उन्हें प्रदर्शन का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए, क्योंकि नागरिकों को कठिनाई होती है. मालूम हो कि सरकार और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच चौथे दौर की बातचीत गुरुवार को होनी है. तोमर ने कहा है कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और कृषि का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
We will hold discussions with farmers' leaders tomorrow. Let's see to what extent issues can be resolved: Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar pic.twitter.com/iT7Tf5j8ct
— ANI (@ANI) December 2, 2020
केंद्र और प्रदर्शनकारी किसानों के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे चरण की बातचीत से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक की. मंत्रियों ने किसानों द्वारा उठाये गये मुद्दों को लेकर चर्चा की.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘झूठ और सूट-बूट की सरकार’ है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, ”कहा गया था कि किसान की आय दुगनी होगी. लेकिन, ‘मित्रों’ की आय हुई चौगुनी और किसान की हो गयी आधी.” साथ ही कहा कि, ”यह झूठ की, लूट की, सूट-बूट की सरकार है.”
राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के दाखिल होने के प्रमुख मार्गों पर लगातार सात दिनों से डटे होने के कारण बुधवार को भी यातायात धीमा रहा. सिंघु और टिकरी हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर को पुलिस ने अब भी बंद कर रखा है. दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर का प्रमुख मार्ग भी बंद है. अन्य मार्गों पर यातायात परिवर्तित किये जाने को लेकर कई इलाकों में जाम लगा रहा.
भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के सैकड़ों कार्यकर्ता डीएनडी के रास्ते दिल्ली में प्रवेश के लिए महामाया फ्लाईओवर पर एकत्रित हुए. भारतीय लोक शक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्योराज सिंह के नेतृत्व में 81 गांवों के किसान एकत्रित हुए थे. महामाया फ्लाईओवर से प्रस्थान किये जाने के बाद दलित प्रेरणा स्थल के पास किसानों को पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई.
चिल्ला बार्डर पर जमे किसान संसद और जंतर मंतर जाने की मांग को लेकर डटे हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा किसानों को रोक दिये जाने के बाद किसान देर रात से ही धरनास्थल पर बैठ कर रागिनी गायी और गीत-संगीत का कार्यक्रम कर कड़ाके की ठंड में रातें बितायी. सुबह में धरनास्थल पर किसानों ने हवन कर केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रार्थना की.
ब्रिटेन के सिख परोपकारी संगठन ‘खालसा एड’ ने दिल्ली के सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को मुफ्त भोजन और जरूरी सामान की पेशकश की है. खालसा एड के निदेशक अमरप्रीत सिंह के मुताबिक, उसके कार्यकर्ता सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए लंगर आयोजित कर रहे हैं. साथ ही चाय, नाश्ता और चिकित्सा मदद दी जा रही है.
राजस्थान के अलवर जिले में हरियाणा सीमा पर किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया. राष्ट्रीय किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में राजस्थान के किसान हरियाणा सीमा पर पहुंचने लगे. किसानों का कहना है कि यहां महापंचायत आयोजित किये जाने के बाद आगे की रणनीति पर किसान फैसला करेंगे.
किसानों की मांगों के समर्थन और हरियाणा में किसानों के खिलाफ प्रशासन की कथित कार्रवाई के विरोध में रालोद एवं पूर्व मंत्री डॉ.मैराजुउद्दीन अहमद कलेक्ट्रट में धरने पर बैठ गये. उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर किसानों की मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, रालोद पूरी ताकत से किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा.
चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड लांघ कर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आवास की ओर जा रहे पंजाब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया. चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की योजना खट्टर के आधिकारिक आवास का ‘घेराव’ करने की थी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि स्टेडियम को जेल के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मुझसे खफा है. साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के पास कृषि कानूनों को रोकने के लिए कई अवसर थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
किसान नेता दर्शन पाल ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कहा कि केंद्र को नये कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए. वहीं, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे. अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानेगी, तो हम और कदम उठायेंगे.
आम आदमी पार्टी (आप) की महिला शाखा ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में मानव शृंखला बनायी. आप की महिला शाखा की सैंकड़ों सदस्य और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने आईटीओ चौराहे पर मानव शृंखला बनायी. इस प्रदर्शन की अगुवाई आप की महिला शाखा की अध्यक्ष निर्मला कुमारी ने की.
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