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NEET, JEE Exam 2020: रद्द नहीं हुआ तो भारत कोरोना मरीजों के मामले में अमेरिका से निकल जाएगा आगे? बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार को दी नसीहत

Updated at : 31 Aug 2020 7:56 AM (IST)
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NEET, JEE Exam 2020: रद्द नहीं हुआ तो भारत कोरोना मरीजों के मामले में अमेरिका से निकल जाएगा आगे? बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार को दी नसीहत

NEET, JEE Main Exam 2020 News Updates: नीट और जेईई एग्जाम रद्द को लेकर सुप्रीम कोर्ट में खज सुनवाई है. कोर्ट में आज छह गैर बीजेपी शासित राज्यों द्वारा दाखिल पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई है इससे पहले, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर अपने ही सरकार पर हमला बोला है. स्वामी ने कहा है कि अगर आज सरकार एग्जाम रद्द करने की बात नहीं कहती है तो, भारत में कोरोना मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होगी.

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Neet, jee main exam 2020 : नीट और जेईई एग्जाम रद्द को लेकर सुप्रीम कोर्ट में खज सुनवाई है. कोर्ट में आज छह गैर बीजेपी शासित राज्यों द्वारा दाखिल पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई है इससे पहले, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर अपने ही सरकार पर हमला बोला है. स्वामी ने कहा है कि अगर आज सरकार एग्जाम रद्द करने की बात नहीं कहती है तो, भारत में कोरोना मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होगी.

स्वामी ने ट्वीट कर लिखा कि नीट जेईई एग्जाम नहीं हुआ रद्द तो भारत कोरोना मरीजों की संख्या मामले में अमेरिका से आगे निकल जाएगा. स्वामी ने कहा कि सरकार को इसपर फैसला करना चाहिए. वहीं उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी एग्जाम रद्द करने की उम्मीद जताई.

पहले भी दे चुके हैं नसीहत- बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी पहले भी नसीहत दे चुके हैं. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इससे पहले केंद्र सरकार को सलाह देते हुए कहा था कि कोरोना संकट के समय में नीट और जेईई परीक्षाओं को कराना बहुत बड़ी गलती है. उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि ‘इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी ने जो गलती की थी, मोदी सरकार भी वही गलती करने जा रही है.

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के समय नीट और जेईई एग्जाम कराना इंदिरा गांधी के नसबंदी प्रोग्राम जैसी बड़ी गलती होगी. इस गलती के कारण इंदिरा गांधी की सरकार तक गिर गई थी. अब नीट और जेईई आयोजित कराने का खामियाजा मोदी सरकार को भी भुगतना होगा.’

कोर्ट ने याचिका कर दिया था खारिज– शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि इंजीनियरिंग और मेडिकल की परीक्षाएं तय समय से ली जाएगी. एक सितंबर से शुरू हो रही इन परीक्षाओं की भी बड़ी संख्या में छात्रों और कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने विरोध किया है. इनका कहना है कि कोरोना संकट में परीक्षाएं आयोजित करना गलती होगी. इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने 11 राज्यों के छात्रों की परीक्षाओं को स्थगित कराने की मांग वाली याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था.

Posted By : Avinish Kumar mishra

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